- सभी 1953 डिफाल्टर सूचना अधिकारियों पर कुल 1,71,83,833 रुपये जुर्माना राशि बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकायुक्त जस्टिस हरिपाल वर्मा ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) एक्ट के तहत सूचना नहीं देने पर लगने वाली जुर्माना राशि को लंबित रखने वाले अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लोकायुक्त ने मुख्य सूचना आयुक्त टीवीएसएन प्रसाद से डिफाल्टर सूचना अधिकारियों से जुर्माना राशि वसूली के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं। जुर्माना राशि वसूली के लिए आरटीआई एक्टीविस्ट पीपी कपूर की याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयोग के अधिकारियों ने लोकायुक्त को सूचित किया कि जुर्माना राशि जमा न कराने वाले सभी 1953 डिफाल्टर पर 1,71,83,833 रुपये बकाया है।
जन सूचना अधिकारियों की सूची राज्य सूचना आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी है ताकि सीधे ही इनके वेतन से ही जुर्माना राशि की कटौती की जा सके। बकाया जुर्माना राशि डिफाल्टर जन सूचना अधिकारियों के वेतन से जल्द से जल्द वसूली के लिए सरकार ने सभी विभागों को कड़े आदेश दिए हैं और हर माह सभी विभागों को वसूली गई जुर्माना राशि की मासिक रिपोर्ट सूचना आयोग को भी देनी होगी। लोकायुक्त द्वारा इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी ।
पीपी कपूर ने बताया कि उन्होंने पांच वर्ष पहले 21 जुलाई 2020 को लोकायुक्त कोर्ट में 1726 डिफाल्टर जन सूचना अधिकारियों से करीब 2.27 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि वसूली के लिए केस दायर किया था। जुर्माना राशि जमा न कराने वाले इन डिफाल्टर्स की सूची में कई एचसीएस अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्होंने ने ना तो समय से सूचना दी और न आयोग द्वारा लगाई गई जुर्माना राशि राज कोष में जमा कराई।