जमीन और भवन की उपलब्धता होने पर लाइब्रेरी में 500 बच्चों के बैठने की व्यवस्था होगी
यदि कहीं पर्याप्त जगह नहीं मिली तो कम्युनिटी सेंटर व दूसरे स्थानों पर भी कर सकेंगे संचालन
चंडीगढ़। शहरी स्थानीय निकाय विभाग प्रदेश के शहरों में अत्याधुनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) स्थापित करने की योजना धरातल पर उतारेगा। सभी नगर निगमों से लेकर नगर पालिकाओं व नगर परिषदों से ब्योरा तैयार करने को कहा गया है। पुस्तकालयों में अत्याधुनिक सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। नाैकरियों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते तैयारी करने के लिए अनुकूल व्यवस्था रहे, यह सरकार का प्रयास है।
निकाय विभाग के जानकारों ने बताया कि जिला मुख्यालयों पर पुस्तकालय स्थापित करने की योजना पर काम शुरू होगा। इसलिए निकायों को जमीन चिह्नित करने को कहा गया है। योजना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जमीन की उपलब्धता के साथ ही यह भी कहा गया है कि पुस्तकालयों में एसी (एयर कंडीशनर), बिजली और पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था हो। पुस्तकालय में एक साथ 500 बच्चों के बैठने तक की व्यवस्था हो। सभी 11 नगर निगमों के अलावा सभी 87 निकाय संस्थाओं को यह भी सुझाव दिया गया है कि पर्याप्त जमीन न होने की स्थिति में कम्युनिटी सेंटरों, चाैपालों, धर्मशालाओं में अनुकूल माहाैल होने की स्थिति में वहां सुविधाओं के साथ छोटे पुस्तकालयों का संचालन किया जा सकता है। निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता भी इस योजना को लेकर समीक्षा कर चुके हैं।
समीक्षा बैठक में कल होगा विचार मंथन
निकाय विभाग की मासिक बैठक में 28 मई को पुस्तकालयों की कार्य योजना पर भी विचार-विमर्श होगा। बैठक की समीक्षा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। मंत्री विपुल गोयल भी बैठक में शामिल रहेंगे। हाल ही में निकाय मंत्री ने बैठक में सख्त निर्देश दिए हैं कि विभागीय कार्यों में तेजी लाई जाए, जो भी ठेकेदार लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। 28 को प्रस्तावित बैठक में सभी कार्यों की समीक्षा होगी। वहीं सड़कों पर बेसहारा गोवंश से लेकर शहरों में सफाई व्यवस्था के कार्यों की विशेष रूप से समीक्षा होगी।