बेटे को गलत संगत से बचाने के लिए पिता ने घर बेचा
पंजाब के संगरूर स्थित धुरी के रहने वाले करनदीप ने बताया कि उन्होंने 11 साल की उम्र में दोस्तों के साथ पहली बार शराब पी थी। 16 साल की उम्र में 2014 में सिंगापुर में पढ़ाई करने गए। वहां रोजाना शराब पीकर घूमते रहते थे। घर पर जानकारी हुई तो 2016 में पढ़ाई छोड़कर पंजाब बुला लिया गया। वापस आकर अफीम, चूरापोस्त और शराब का नशा करने लगा। इकलौते बेटे को नशे का आदी देख 2017 मां ने दम तोड़ दिया। बेटे को बुरी संगत से दूर करने के लिए पिता धुरी का घर बेचकर मोहाली आ गए और दूध का व्यापार शुरू किया।
घर से चुराने लगे थे सामान
मोहाली आकर करनदीप हेरोइन का नशा करने लगा। एक साल में घर से चुराकर 30 लाख रुपये, मोबाइल, मां के गहने, पापा की घड़ियां व कई कीमती सामान बेचकर हेरोइन खरीदी।
अर्श से फर्श पर पहुंचे पिता, नशे के लिए चोरियां की-भीख मांगी
करनदीप के नशे के कारण उनके पिता अर्श से फर्श पर पहुंच गए। ऐसा समय आ गया कि दोनों पिता-पुत्र गुरुद्वारे में लंगर खाने को मजबूर हो गए। नशे की पूर्ति के लिए करनदीप ने भीख मांगना और चोरियां करने लगा। 2022 में नशे में गाड़ी चलाते समय करनदीप हादसे का शिकार हो गए। आंखें खुलीं तो पीजीआई में मरणासन्न अवस्था में थे। इसके बाद पंचकूला के नशा मुक्ति केंद्र में इलाज शुरू कराया। अब उनका नया ठिकाना एनजीओ की तरफ से पंचकूला है।