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विदेशों में नौकरियों के खुले द्वार: एक साल में 421 हरियाणवियों को मिली जाॅब, सरकार ने निकाला डंकी रूट का तोड़

Wed, 14 Jan 2026 12:39 PM IST
निवेदिता वर्मा आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा सरकार ने डंकी रूट का तोड़ निकालते हुए वैध तरीकों से विदेश में भेजने का रास्ता निकाला है। हरियाणा से इस्राइल के लिए 180, दुबई के लिए 210 और जर्मनी के लिए 31 युवाओं का चयन हुआ है।  
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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विदेश में नौकरी का सपना देखने वाले हरियाणावासियों के लिए नए रास्ते खुल गए हैं। 

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राज्य सरकार ने विदेश सहयोग विभाग के माध्यम से एक साल में 421 हरियाणावासियों को नौकरियां उपलब्ध करवाई हैं। इनमें इस्राइल में 180, दुबई में 210 और जर्मनी में 31 नियुक्तियां शामिल हैं। 

इन नियुक्तियों से उत्साहित विदेश सहयोग विभाग आधा दर्जन और देशों से संपर्क साधा है ताकि युवाओं को इन देशों में भी नौकरियां मिल सके। इन देशों के साथ कई स्तर पर बातचीत हो चुकी है। बहुत जल्द इन देशों में भी नौकरियों का विज्ञापन जारी होगा।
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उल्लेखनीय है कि हरियाणा में विदेश में नौकरी करने का एक बड़ा क्रेज है। विदेश में नौकरी के लालच में कई युवा एजेंटों के चक्कर में फंस जाते हैं। इससे न सिर्फ युवाओं की जिंदगी दांव पर लगती है बल्कि मां-बाप की कमाई भी बर्बाद हो जाती है। 

हरियाणा सरकार ने डंकी रूट का तोड़ निकालते हुए वैध तरीकों से विदेश में भेजने का रास्ता निकाला है। हरियाणा से इस्राइल के लिए 180, दुबई के लिए 210 और जर्मनी के लिए 31 युवाओं का चयन हुआ है। वहीं, रोमानिया से ट्रक ड्राइवर, दुबई से बाइक राइडर व इंडस्टि्रयल वर्कर, रसिया से वेयर हाउसिंग व इंडस्टि्रयल वर्कर, यूके से रिन्युवअल एनर्जी, कनाडा से लॉजिस्टिक्स वेंडर की मांग आई है।

पासपोर्ट के साथ विदेश में सुरक्षा की गारंटी

विदेश सहयोग विभाग के माध्यम से विदेशों में नौकरी पाने वालों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाती है। सरकार की ओर से पासपोर्ट, वीजा के साथ-साथ इन युवाओं के लिए विदेश में किसी तरह की कोई दिक्कत न आए उसकी भी गारंटी विभाग उठाता है। पिछले दिनों जब इस्राइल में युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई थी तो वहां काम कर रहे वर्करों के परिजनों को चिंता सताने लगी थी। 

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ऐसी स्थिति में राज्य सरकार का विदेश सहयोग विभाग के अधिकारी इस्राइल में काम करने वाले युवाओं के संपर्क में थे। उन्होंने हर वर्कर से संपर्क किया और उन्हें वापस आने के बारे में पूछा भी, मगर कोई भी वर्कर हरियाणा लौटने को तैयार नहीं था। विदेश सहयोग विभाग ने इस्राइल में काम करने वाले लोगों का एक व्हाट्सग्रुप भी बना रखा है, ताकि कोई दिक्कत आने पर तुरंत संपर्क साधा जा सके।

सरकार की ओर से विदेशी भाषाओं की कोचिंग भी मिलेगी

विदेश सहयोग विभाग अपनी सेवाओं को विस्तार देने में लगा है। हरियाणा सरकार की ओर से जल्द ही विदेशी भाषा सिखाने की कोचिंग दी जाएगी। इन कोचिंगों में युवाओं को अंग्रेजी, फ्रेंच, जापानी व जर्मन भाषा सिखाई जाएगी। इसके लिए हरियाणा सरकार फॉरेन लेंग्वेज पॉलिसी लाएगी। इसके साथ ही विदेशी यूनिवर्सिटी की सेंटर भी हरियाणा में खोलने की योजना है, ताकि युवाओं को हरियाणा में ही विदेशी कॉलेजों की शिक्षा मिल जाए।

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