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देश की सेवा कर चुके पूर्व नौसैनिक को नौकरी से वंचित करना अनुचित : हाईकोर्ट

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-कोर्ट ने इस रवैए के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की निंदा की
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-एक्स सर्विसमैन कोटा से याचिकाकर्ता ने जूनियर इंजीनियर पद के लिए किया था आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने देश की सेवा कर चुके पूर्व नौसैनिक को योग्य होने के बावजूद नौकरी से वंचित करने पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की आलोचना की है। पूर्व नौसैनिक विनोद कुमार ने एक्स-सर्विसमैन कोटे के तहत आवेदन किया था। उन्होंने कटआफ से अधिक अंक हासिल किए लेकिन निगम ने उनके नौसैनिक ट्रेड इक्विवेलेंस सर्टिफिकेट की वैधता पर सवाल उठाते हुए नियुक्ति देने से मना कर दिया। जबकि कोर्ट के सामने यह तथ्य आया कि इसी विज्ञापन के तहत दो अन्य पूर्व सैनिक जिनकी योग्यता भी समान थी, पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं।
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जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि यह सर्वविदित है कि सशस्त्र बलों की सेवाओं के दौरान हासिल तकनीकी कौशल कठोरतम प्रशिक्षण से प्राप्त होते हैं। नौसेना अभियानों की सटीकता यह सुनिश्चित करती है कि प्रशिक्षित उम्मीदवार उन्नत तकनीकों में दक्ष हो जाते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि हम सामान्यत भर्ती प्रक्रिया और निर्धारित योग्यताओं में हस्तक्षेप नहीं करते लेकिन इस मामले में हस्तक्षेप ज़रूरी है क्योंकि यह एक योग्य पूर्व सैनिक के पुनर्वास से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूर्व सैनिकों की सेवाओं का सम्मान केवल शब्दों से नहीं बल्कि उन्हें नागरिक नौकरियों के अवसर देकर व्यावहारिक रूप से किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में सैनिक अपेक्षाकृत कम उम्र में सेवानिवृत्त हो जाते हैं लेकिन उनके लिए नागरिक नौकरियों के अवसर उसी अनुपात में उपलब्ध नहीं होते। ऐसे में, किसी भी नियोक्ता का कर्तव्य है कि वह अनावश्यक बाधाएं न खड़ी करे। कोर्ट ने इस विषय पर निगम के प्रबंध निदेशक को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
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