सीएम बोले- इस मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को समाधान शिविरों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान कुछ जिलों में अधिकारियों की अनुपस्थिति का मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया। जिला महेंद्रगढ़ और एसडीएम कार्यालय बादशाहपुर में संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों और एसडीएम को निर्देश दिए कि वे समाधान शिविरों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें और लोगों की समस्याओं को सुनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविरों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित की जाती है जिसकी अध्यक्षता संबंधित उपायुक्त द्वारा की जानी चाहिए। जो अधिकारी नियमित रूप से समीक्षा बैठकों से अनुपस्थित रहे हैं ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिकारी स्वयं बैठकों की अध्यक्षता करें और लंबित शिकायतों के समाधान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों से जुड़े लोगों की शिकायतें सीधे सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। 10 जून 2024 से आरंभ हुए इस अभियान के अंतर्गत अब तक प्रदेशभर में लगभग डेढ़ लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमें से लगभग 78 प्रतिशत शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है।