- अब तक हो चुके हैं 140 समझौते, मुंबई के बाद अब बेंगलुरु पर नजर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में 666 दिनों में उद्यमियों ने करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। अलग-अलग क्षेत्रों में 140 समझौते हुए हैं। इनमें एक जून को गुरुग्राम और 24 अगस्त को मुंबई में हुए कार्यक्रम के दौरान किए गए 17 समझौतों के तहत 66,821 करोड़ रुपये का निवेश भी प्रस्तावित है।
चंडीगढ़ में जारी बयान में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि सीएम नायब सिंह सैनी के जापान दौरे के दौरान जापानी कंपनियों ने 10 समझौतों के जरिये करीब 3,900 करोड़ रुपये निवेश की इच्छा जताई थी। सरकार अब निवेश आकर्षित करने के लिए हैपनिंग हरियाणा 2.0 अभियान के तहत मुंबई के बाद बेंगलुरु, कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई में कार्यक्रम की योजना बना रही है। अगला कार्यक्रम बेंगलुरु में प्रस्तावित है।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और मजबूत सड़क नेटवर्क निवेशकों के लिए बड़ी ताकत हैं। प्रदेश के लगभग सभी जिले राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े हैं। दिल्ली का आईजीआई और उत्तर प्रदेश का जेवर हवाईअड्डा भी कनेक्टिविटी बढ़ा रहे हैं। साल 2014 से पहले प्रदेश के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने में सात से आठ घंटे लगते थे लेकिन अब करीब साढ़े तीन घंटे लगते हैं।
हरियाणा को विकसित राज्य बनाने के लिए हरियाणा विजन दस्तावेज-2047 तैयार किया है। इसके तहत 2030 तक विभागों को कार्ययोजना तैयार करनी है और 2035, 2040 व 2045 के चरणों में लक्ष्य आगे बढ़ाए जाएंगे। उद्यमिता के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री ने विश्व उद्यमिता दिवस पर हरियाणा युवा उद्यमी यात्रा के तहत दो वाहनों को रवाना किया। ये वाहन सभी जिलों में तीन-तीन दिन रुककर युवाओं को उद्योग और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देंगे। सरकार का लक्ष्य राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के माध्यम से प्रदेश समेत देश की करीब दो लाख पंचायतों के 30 लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है।