राज्य में कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ली उच्चस्तरीय बैठक
अपराधों को रोकने के लिए अब थाना स्तर पर जवाबदेही होगी तय
नशे व मादक पदार्थों के मामलों में कार्रवाई पर पुलिस अधिकारियों की तय करें जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में फिरौती की बढ़ती घटनाओं पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने वीरवार रात राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ करीब चार घंटे मंथन किया। रात एक बजे तक चली बैठक में उन्होंने पुलिस को खुली छूट देते हुए कहा कि हरियाणा से अपराध हर कीमत पर खत्म होना चाहिए। राज्य में ऐसा माहौल बनाए कि अपराधी अपराध करने से पहले दस बार सोचे। फिरौती की घटनाओं से निपटने के लिए राज्य के हर जिले में एक्सटॉर्शन (फिरौती ) सेल बनाया जाए। विशेष टीमें जबरन वसूली के मामलों की गहन जांच करें। अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में अपराधियों के विरुद्ध त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके। अपराध को रोकने के लिए केवल जिलास्तर पर ही नहीं, बल्कि थानास्तर पर भी जवाबदेही तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने फिरौती के मामलों का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि फिरौती या रंगदारी जैसे गंभीर अपराध किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और ऐसे मामलों पर तुरंत अंकुश लगाया जाए। अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कहा कि अपराध नियंत्रण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी और सजगता के साथ कार्य करें ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
स्कूल-कॉलेजों में विशेष पेट्रोलिंग करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारी प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों, विशेष रूप से कन्या महाविद्यालयों और कन्या विद्यालयों का नियमित अंतराल पर निरीक्षण करें। बच्चों से संवाद कर उन्हें सजग करना चाहिए। स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी के समय विशेष पेट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बाजारों व प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर भीड़-भाड़ के समय प्रभावी पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा शक्ति फोर्स भी विशेष पेट्रोलिंग करे।
थाने में दर्ज नशे के मामलों की करें नियमित समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा नशा तस्करी और उसके सेवन पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हर जिले में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। पुलिस प्रशासन नशा बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही, थानों में दर्ज नशे संबंधी मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और ऐसे मामलों में अभियोजन की प्रक्रिया तेज की जाए।
शराब का सेवन करते मिलने पर पुलिस कर्मियों पर तुरंत कार्रवाई हो
सीएम सैनी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में फील्ड स्टाफ को स्पष्ट रूप से निर्देशित करें कि यदि कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के समय या वर्दी में शराब का सेवन करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध तुरंत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनसंवाद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का तुरंत संज्ञान लें। पुलिस अधीक्षक नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्र के थानों का निरीक्षण करें व आमजन से सीधा संवाद स्थापित करें।