हरियाणा शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए
चंडीगढ़। हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2017 में भर्ती हुए प्राइमरी टीचर्स (पीआरटी) को नोशनल लाभ मिलने के बाद सुनिश्चित कैरियर प्रगति (एसीपी) संबंधी मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नोशनल लाभ का मतलब है कि भर्ती के बाद किसी शिक्षक के किसी भी कारण वित्तीय लाभ या प्रमोशनल लाभ अटका हो तो उसे क्लीयर करवा सकता है।
निदेशालय ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा कि 2017 में भर्ती जेबीटी/प्राइमरी अध्यापकों जिनकी नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद 10 दिसंबर 2022 से पीआरटी पद पर हुई थी। उनके एसीपी मामलों को वित्त विभाग की हिदायतों के अनुसार निपटाया जाए। निर्देशों के तहत जिला स्तर पर संबंधित अनुभाग अधिकारियों से इन अध्यापकों के दस्तावेज सत्यापित करवाए जाएंगे। इसके बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी खुद काउंटर साइन कर मामले को आगे बढ़ाएंगे।
निदेशालय ने निर्देशित किया कि एसीपी लाभ देने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के पालन में ढिलाई होने पर संबंधित जिला अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। यह कदम लंबे समय से एसीपी लाभ की प्रतीक्षा कर रहे अध्यापकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।