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Chandigarh-Haryana News: आरटीई के नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

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एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा, प्राइवेट स्कूल संघ ने उठाया बकाया भुगतान का मामला
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने आरटीई सीटों की घोषणा नहीं करने, दस्तावेज सत्यापन के दौरान आवेदन अस्वीकार करने तथा नियमों का पालन नहीं करने वाले निजी विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई और एक लाख रुपये तक जुर्माने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही बंद एमआईएस पोर्टल वाले स्कूलों के मामलों का वर्गीकरण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उधर, प्राइवेट स्कूल संघ ने आरटीई के तहत तीन साल की प्रतिपूर्ति भुगतान राशि बकाया होने के बीच जुर्माने पर सवाल उठाए हैं।

आदेश के अनुसार जिन निजी विद्यालयों की प्रवेश स्तर की मासिक फीस 6 हजार रुपये तक है उन्हें कारण बताओ नोटिस देकर 15 दिन का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। वहीं छह हजार रुपये से अधिक फीस वाले विद्यालयों के मामलों में अंतिम निर्णय निदेशालय स्तर पर व्यक्तिगत सुनवाई के बाद लिया जाएगा।
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हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि आरटीई के तहत पढ़ रहे विद्यार्थियों की प्रतिपूर्ति राशि का पिछले तीन वर्षों से भुगतान लंबित है। इससे छोटे और मध्यम निजी विद्यालय आर्थिक दबाव में हैं। शिक्षकों का वेतन, भवन रखरखाव, बिजली सहित अन्य खर्च अपने संसाधनों से उठाने पड़ रहे हैं। विभाग पहले आरटीई की लंबित प्रतिपूर्ति राशि जारी करे। जिन स्कूलों से आरटीई सीटों की जानकारी या दस्तावेज अपलोड करने में त्रुटि रह गई है उन्हें सुधार का एक अवसर दिया जाए। बंद एमआईएस पोर्टल खोले जाएं और प्रस्तावित जुर्माने पर पुनर्विचार किया जाए। करीब 1,107 स्कूलों के एमआईएस पोर्टल पिछले दो महीनों से बंद होने से ऑनलाइन दाखिले प्रभावित हो रहे हैं।
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आरटीई के तहत सीटें अलॉट करने का नियम निर्धारित है। इसका उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों पर प्रावधान के तहत कार्रवाई या जुर्माना लगाया जाता है। निजी स्कूलों को समय-समय पर भुगतान होता है। कई बार स्कूलों की तरफ से दिए गए दस्तावेजों में खामियों के कारण भुगतान कुछ समय तक अटक जाता है।

विजय दहिया, प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग

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