- प्रदेश में 15 सितंबर से 31 अक्तूबर तक केवल 99 मामले किए गए थे चिह्नित
- अब तक 216 किसानों पर एफआईआर, 220 की रेड एंट्री की गई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में पराली जलाने के मामले नवंबर के 17 दिनों में रिकाॅर्ड स्तर पर दर्ज किए गए हैं। प्रदेश में 31 अक्तूबर तक एएफएल (एक्टिव फायर लोकेशन) के केवल 99 मामले चिह्नित किए गए थे। 1 नवंबर से 17 नवंबर तक कुल 474 मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को एएफएल के 10 मामले सामने आए। अब तक मामलों की संख्या 573 पहुंच गई है। एक दिन पहले तक 563 मामलों की जांच की गई जिनमें अभी 225 स्थानों पर पराली जलने की पुष्टि हुई है। जांच के दाैरान 2 मामलों में एक ही स्थान पर आग जली मिली जबकि 336 अन्य श्रेणी की आग जैसे औद्योगिक क्षेत्र के कचरे में आग जलाने के मामले शामिल हैं।
प्रदेश में पराली जलाने वाले किसानों की 15 सितंबर से हरियाणा कृषि एवं कल्याण विभाग निगरानी करा रहा है। सोमवार तक 64वें दिन सोनीपत में 3 मामले सामने आए। हिसार और जींद में 2-2 मामले चिह्नित किए गए हैं। सिरसा, झज्जर और फतेहाबाद में 1-1 मामला सामने आया है। विभाग के अनुसार अभी तक प्रदेश के 216 किसानों के खिलाफ एफआईआर, 220 किसानों की रेड एंट्री कर 11.70 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। पराली जलाने के मामलों की निगरानी में लापरवाही पर 251 नोडल अधिकारियों व सुपरवाइजरों को कारण बताओ नोटिस दिए जा चुके हैं।
बहादुरगढ़ देश का छठवां सबसे प्रदूषित शहर, सोनीपत की हवा भी खराब
सोमवार को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 401 दर्ज किया गया। हापुड़ का 383, ग्रेटर नोएडा का 390 और नोएडा का 358 एक्यूआई रहा जबकि दिल्ली का एक्यूआई 351 रहा। सोमवार को देशभर के प्रदूषित शहरों में हरियाणा का बहादुरगढ़ छठे स्थान पर रहा। बहादुरगढ़ का एक्यूआई 348 रहा। सोनीपत की हवा भी खराब रही। यहां एक्यूआई 344 दर्ज किया गया।
तिथि एएफएल के मामले
01 नवंबर
19
02 नवंबर
04
03 नवंबर
23
04 नवंबर
13
05 नवंबर
13
06 नवंबर
35
07 नवंबर
18
08 नवंबर
42
9 नवंबर
67
10 नवंबर
30
11 नवंबर
72
12 नवंबर
29
13 नवंबर
15
14 नवंबर
24
15 नवंबर
13
16 नवंबर
47
17 नवंबर
10
स्रोत : हरियाणा कृषि एवं कल्याण विभाग।