स्वास्थ्य विभाग ने पोर्टल पर खरीद और खपत का रिकॉर्ड अपडेट करने के दिए निर्देश
मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन में संवेदनशील फाइलों की सुरक्षा के लिए लगेंगे बायोमीट्रिक गेट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में दवाओं के स्टॉक और उनके वितरण की अब सख्त निगरानी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों को दवाओं की खरीद, उपलब्धता और खपत का रिकॉर्ड ऑनलाइन दवा प्रबंधन पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। पोर्टल में दर्ज स्टॉक और अस्पताल में मौजूद दवाओं की वास्तविक मात्रा में अंतर मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई भी हो सकती है।
स्वासथ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों के तहत सरकारी अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को स्थानीय स्तर पर खरीदी गई दवाओं का विवरण भी पोर्टल पर दर्ज करना होगा। दवाओं की उपलब्धता पर नजर रखने के लिए आवश्यक औषधि सूची (ईडीएल) का इस्तेमाल किया जाएगा। अस्पतालों को स्टॉक की नियमित जांच करने और दवाओं की खपत का सही ब्योरा रखने को कहा गया है ताकि रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर न रहे। स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी आपूर्ति व्यवस्था के तहत उपलब्ध दवाओं के इस्तेमाल पर जोर दिया है। डॉक्टरों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे मरीजों को सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई दवाएं ही लिखें ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।
उधर, हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचएमएससीएल) में संवेदनशील फाइलों और खरीद संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए गए हैं। कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने स्टाफ केबिनों और संवेदनशील दस्तावेजों को रखने वाले क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए बायोमीट्रिक एक्सेस कंट्रोल गेट लगाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को बायोमीट्रिक प्रणाली से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। बाहरी लोगों को बिना अनुमति स्टाफ केबिन में प्रवेश नहीं मिलेगा। आगंतुकों को निर्धारित रजिस्टर में अपना विवरण दर्ज कराना होगा और तय स्थान पर प्रतीक्षा करनी होगी। कर्मचारियों से मुलाकात के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।