-करुणा और न्याय का संतुलन के संतुलन को हाईकोर्ट ने माना अहम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में न्याय और करुणा के बीच संतुलन स्थापित करते हुए धोखाधड़ी और शस्त्र अधिनियम के आरोपी निशानेबाज चिराग कुमार सरदाना को यूरोप और अमेरिका में आयोजित शूटिंग कैंप में भाग लेने के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दे दी है।
हिसार निवासी चिराग कुमार सरदाना के खिलाफ धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। सेशंस कोर्ट ने उनका पासपोर्ट सीमित अवधि के लिए जारी किया था जिससे वे अंतरराष्ट्रीय शूटिंग कैंप्स में भाग नहीं ले सके। न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ ने आदेश में कहा कि न्याय और करुणा एक-दूसरे के पूरक हैं। न्याय केवल जवाबदेही के कठोर पैमाने पर तय नहीं किया जा सकता, बल्कि इसमें मानवीय दृष्टिकोण और परिस्थितियों की संवेदनशील समझ भी आवश्यक है। न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए हाईकोर्ट अपनी अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। कोर्ट ने यह माना कि याचिकाकर्ता भारतीय नागरिक हैं, उनके विदेश भागने की संभावना नहीं है। उन्हें विदेश जाने से रोकना उनके पेशेवर करियर के लिए गंभीर क्षति होगी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि चूंकि कैंप 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए याचिकाकर्ता 5 जनवरी, 2026 तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष उपस्थित होंगे और इसके बाद पासपोर्ट सरेंडर कर कार्यवाही में सम्मिलित होंगे। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका को मंजूरी दे दी।