निदेशक मौलिक शिक्षा की ओर से 15 अक्तूबर को जारी पत्र के अनुसार, जिलों को ई-मेल के जरिये एक्सेल शीट भेजी गई हैं। एक सूची में उन शिक्षकों के नाम हैं, जिन्हें नोटेशनल लाभ दिया जा चुका है, जबकि दूसरी सूची में उन शिक्षकों को शामिल किया गया है, जिन्हें अभी तक यह लाभ नहीं मिला है।
हरियाणा में नोटेशनल लाभ का इंतजार कर रहे सीएंडवी और टीजीटी शिक्षकों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। मौलिक शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों के मामलों की दोबारा पड़ताल शुरू की है। विभाग ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को दो सूचियां भेजकर लाभ पा चुके शिक्षकों का रिकॉर्ड जांचने और इससे वंचित शिक्षकों के मामले निदेशालय भेजने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
नोटेशनल लाभ का मतलब है किसी कर्मचारी को पिछली तारीख से सेवा संबंधी लाभ देना, जैसे वरिष्ठता, वेतन निर्धारण या पदोन्नति का लाभ, बिना जरूरी तौर पर बकाया वेतन दिए।
निदेशक मौलिक शिक्षा की ओर से 15 अक्तूबर को जारी पत्र के अनुसार, जिलों को ई-मेल के जरिये एक्सेल शीट भेजी गई हैं। एक सूची में उन शिक्षकों के नाम हैं, जिन्हें नोटेशनल लाभ दिया जा चुका है, जबकि दूसरी सूची में उन शिक्षकों को शामिल किया गया है, जिन्हें अभी तक यह लाभ नहीं मिला है। अधिकारियों को दोनों सूचियों का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
विज्ञापन
जिलों से होगा सत्यापन, फिर आगे बढ़ेंगे मामले
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीएंडवी शिक्षकों को नोटेशनल लाभ देने के लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार हैं। इसके लिए अनुभाग अधिकारी से सत्यापन जरूरी है। वहीं, टीजीटी शिक्षकों को लाभ देने की स्वीकृति निदेशालय जारी करता है, लेकिन संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन जिला स्तर पर ही होगा।
इस कवायद से उन शिक्षकों के मामले सामने आ सकेंगे, जिन्हें पात्र होने के बावजूद अब तक नोटेशनल लाभ नहीं मिला है। ऐसे मामलों को निदेशालय भेजने के बाद उन पर आगे की कार्रवाई का रास्ता खुलेगा। हालांकि, विभाग ने पत्र में लाभ जारी करने की कोई नई समयसीमा तय नहीं की है।