फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh-Haryana News: तीन वर्षीय कोर्स में एक वर्ष अतिरिक्त पढ़ाई पर ऑनर्स डिग्री, सीधे पीजी में दाखिला

विज्ञापन
विज्ञापन
-चार वर्षीय पाठ्यक्रम के बाद मास्टर डिग्री में सीधे अंतिम वर्ष में प्रवेश
विज्ञापन

-हरियाणा के कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र में एनईपी के तहत आएगा बदलाव

कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। प्रदेश के कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के सभी कॉलेजों में नई शिक्षा नीति-4 लागू की जाएगी। इसके तहत स्नातक कोर्सों की संरचना पूरी तरह बदल जाएगी। इसमें विद्यार्थियों को अधिक विकल्प, लचीलापन और उन्नत करियर अवसर मिलेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार अगर विद्यार्थी तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करते हैं और एक वर्ष अतिरिक्त पढ़ाई करते हैं तो उन्हें सामान्य डिग्री के साथ ऑनर्स डिग्री प्रदान की जाएगी। यह सुविधा विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगी जो किसी विषय में गहन अध्ययन करना चाहते हैं या आगे शोध गतिविधियों में जाना चाहते हैं। यह इसलिए संभव है कि राज्य के कॉलेजों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) सफलता पूर्ण लागू किया जा चुका है।

इसी प्रकार अगर विद्यार्थी चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करते हैं तो उन्हें मास्टर डिग्री में सीधे अंतिम वर्ष में प्रवेश का विकल्प मिलेगा। इससे विद्यार्थियों का एक पूरा वर्ष बचेगा और वे कम समय में उच्च शिक्षा की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। यह मॉडल वैश्विक उच्च शिक्षा प्रणाली के अनुरूप बनाया गया है ताकि हरियाणा के विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
विज्ञापन


मास कम्यूनिकेशन विभाग की हेड ऑफ डिपार्टमेंट विनिता ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र में एनईपी-4 के तहत मास कम्यूनिकेशन, कला संकाय (बीए), विज्ञान, वाणिज्य, कंप्यूटर, डिज़ाइन, सामाजिक विज्ञान और अन्य व्यावसायिक कोर्सों में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। इससे प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लचीलापन तो बढ़ेगा ही साथ ही विषयों का अंतर्विषयक (इंटरडिसिप्लिनरी) अध्ययन भी संभव होगा।
विज्ञापन



हरियाणा गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (एचजीसीटीए) के प्रदेशाध्यक्ष राजेश रांझा ने बताया कि यह परिवर्तन विद्यार्थियों को बहु-विषयक सीखना, कौशल आधारित शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रोजगार उन्मुख पारंगता प्रदान करेगा। चार वर्षीय कार्यक्रम पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को शोध आधारित शिक्षा, प्रोजेक्ट वर्क और उन्नत अध्ययन का अवसर मिलेगा जिससे उन्हें कंपनियों, मीडिया संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और शिक्षण-शोध क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही कॉलेजों में क्रेडिट आधारित प्रणाली भी मजबूत की जाएगी जिससे विद्यार्थी चाहें तो बीच में पाठ्यक्रम छोड़कर भी प्रमाणपत्र या डिप्लोमा ले सकेंगे और बाद में पढ़ाई दोबारा शुरू कर सकेंगे। यह मॉडल उन विद्यार्थियों के लिए खास लाभकारी होगा जो आर्थिक या पारिवारिक कारणों से पढ़ाई रोकने को मजबूर होते हैं।

हरियाणा का लक्ष्य है कि 2026-27 से
-सभी संकायों में तीन + एक वर्ष पर ऑनर्स-चार वर्षीय कोर्स पर ऑनर्स विद रिसर्च
-मास्टर डिग्री में सीधे दूसरे वर्ष (फाइनल ईयर) में प्रवेश सभी संकायों में लागू हो जाए।


किसे सबसे ज्यादा फायदा
-ग्रामीण व सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को
-सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले छात्रों को
-रिसर्च या पीएचडी में जल्दी प्रवेश चाहने वालों को
-विदेश में मास्टर या पीएचडी करने वालों को
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें