चंडीगढ़। गृह रक्षा (होमगार्ड) विभाग से प्राप्त एक आरटीआई के जवाब ने पुराने भर्ती रिकॉर्ड को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में विभाग ने स्वीकार किया है कि संबंधित स्वयंसेवक की आयु एनरोलमेंट के समय 17 वर्ष तीन माह दर्ज थी।
इस खुलासे के बाद अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आरटीआई से जवाब मांगने वाले शिकायतकर्ता कर्मबीर अलोवा ने संबंधित दस्तावेज भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंपते हुए विस्तृत जांच की मांग की है।
आरटीआई के बिंदु संख्या-2 के जवाब में विभाग ने कार्यालय रिकॉर्ड के आधार पर बताया कि एनरोल किए गए स्वयंसेवक की आयु 17 वर्ष तीन माह दर्ज है। इस जानकारी के सार्वजनिक होने के बाद भर्ती प्रक्रिया की वैधता और उस समय अपनाए गए नियमों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि भर्ती के समय निर्धारित आयु संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया तो यह गंभीर प्रशासनिक अनियमितता का मामला हो सकता है। इसी आधार पर उसने आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में एसीबी के समक्ष प्रस्तुत किया है। मांग उठाई कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि भर्ती प्रक्रिया में किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी या पक्षपात तो नहीं हुआ है।
मामले की चर्चा इसलिए भी तेज हो गई है क्योंकि आरटीआई से सामने आए दस्तावेज अब सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा हैं। हालांकि विभाग ने अभी तक किसी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की है, लेकिन शिकायतकर्ता की ओर से एसीबी को दस्तावेज सौंपने के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एसीबी अपनी जांच में इन दस्तावेजों के आधार पर प्रारंभिक जांच कब तक शुरू करती है। यदि जांच आगे बढ़ती है तो कई पुराने रिकॉर्ड और भर्ती प्रक्रियाएं भी जांच के दायरे में आ सकती हैं।
इस मामले में जांच अधिकारी डीएसपी शुक्रपाल सिंह का कहना है कि शिकायतकर्ताओं से कई अहम दस्तावेज मिले हैं। इसकी एक-एक करके जांच की जा रही है, सत्यता जानने के लिए सभी दस्तावेजों को जांच में शामिल किया जा रहा है। जो दस्तावेज जांच में ठीक मिलेंगे, उन्हें केस में जोड़ा जाएगा।