हरियाणा में 22 युवक शादी करके पत्नी को माता-पिता की सेवा के लिए छोड़कर विदेश भाग गए हैं। विदेश जाकर इन युवकों ने पत्नियों से संपर्क भी खत्म कर दिया। इसके बाद इन महिलाओं ने राज्य महिला आयोग में शिकायत देकर अपने पतियों को डिपोर्ट कराने की गुहार लगाई है। बीते 25 दिनों में आईं इन सभी शिकायतों पर आयोग ने सभी 22 युवकों और उनके परिवारों को नोटिस देकर एक माह का समय दिया है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने बताया कि नोटिस दिए जाने के बाद दो युवक वापस लौट आए हैं। एक जापान और दूसरा पुर्तगाल में रहता था। इनकी विदेश का बैकग्राउंड भी खंगाला जा रहा है कि उन्होंने वहां दूसरी शादी तो नहीं कर ली थी। बाकी युवक आयोग के समक्ष हाजिर नहीं होते हैं तो राज्य सरकार की मदद से इन्हें डिपोर्ट कराने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। आयोग की अभी तक की जांच में इनमें से 10 युवक डंकी रूट से विदेश गए हैं। अन्य की जांच जारी है।
इन 22 पीड़िताओं में करनाल, कैथल, जींद, पीपली, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम, फरीदाबाद और अन्य तीन जिलों की महिलाएं शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा करनाल की 7, कैथल से 3, जींद से 2 महिलाएं हैं। सभी महिलाओं की शिकायत आने के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने खुद उनके बयान भी दर्ज किए हैं।
20 महिलाओं के बच्चे, पुलिसकर्मी भी शिकार
20 पीड़िताओं के तीन से 17 साल तक के बच्चे भी हैं। इनमें से एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। कई महिलाओं के पतियों की हरकत का विरोध करने पर ससुराल वालों ने उन्हें मायके रहने भेज दिया है।
तीन युवतियों की समलैंगिक शादी, नोटिस जारी
तीन महिलाओं ने बिचौलियों पर समलैंगिक लड़कों से शादी कराने की शिकायत महिला आयोग को दी है। इनमें से एक महिला सरकारी कर्मचारी है और उनके पहले से दो बच्चे भी हैं। पीड़ितों ने बताया कि बिचौलियों ने अंगूठी, पैसे व अन्य सामान के लालच में उनकी शादियां समलैंगिकों से करवा दी। आयोग ने तीनों दूल्हों और बिचौलियों को नोटिस कर बुलाया गया है।