वर्तमान मतदाता सूची का साल 2002 की सूची से होगा मिलान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए निर्देश
अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बिहार की तर्ज पर हरियाणा में भी मतदाता सूची का विशेष विस्तृत पुनरीक्षण (एसआईआर) होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश पर नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी। सभी बीएलओ 20 अक्तूबर तक प्रदेश की वर्तमान मतदाता सूची का साल 2002 की मतदाता सूची के साथ मिलान करेंगे। यदि मतदाता का नाम दोनों मतदाता सूचियों में पंजीकृत होगा तो उन्हें कोई भी दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारियों व निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में जहां पर बीएलओ के पद खाली पड़े हैं वहां पर जल्द नियुक्ति कर उनके पहचान पत्र जारी किए जाएं। एसआईआर से संंबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाए।
नई मतदाता सूची के लिए फॉर्म मतदाता के घर जाकर भरवाया जाएगा
श्रीनिवास ने निर्देश दिए कि बीएलओ नई मतदाता सूची के लिए गणना (एनुमरेशन) फॉर्म हर मतदाता के घर जाकर भरवाएंगे। मतदाता को दो कॉपी फॉर्म की भरने के लिए दी जाएंगी। इनमें से एक कॉपी मतदाता और दूसरी कॉपी बीएलओ नई मतदाता सूची बनाने के लिए साथ ले जाएंगे। वर्ष 2002 व 2024 की मतदाता सूचियां विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पंजीकृत मतदाताओं, युवाओं, सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि राज्य की त्रुटि रहित मतदाता सूची तैयार करने के लिए किए जा रहे विशेष विस्तृत पुनरीक्षण में अपना सहयोग दें।
1200 से ज्यादा मतदाता हैं तो नया मतदान केंद्र बनाया जाएगा
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान केंद्र का मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1200 के आधार पर रेशनलाइजेशन किया जाएगा। यदि 1200 से ज्यादा मतदाता हैं तो नया मतदान केंद्र बनाया जाएगा। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिला में स्थित सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समय - समय पर बैठकें आयोजित की जाएं। सभी से बूथ लेवल एजेंट की सूची प्राप्त की जाए। इसके अलावा गणना प्रपत्र की प्रिंटिंग करवा कर समय पर बीएलओ को उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है।