कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। पार्टी आज शाम तक अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर सकती है। इसी बीच उम्मीदवारों की दौड़ में कर्मवीर सिंह बौद्ध का नाम अचानक चर्चा के केंद्र में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, उनका नाम सीधे तौर पर वरिष्ठ नेतृत्व की ओर से आगे बढ़ाया गया है, जिससे सियासी गलियारों में अटकलें और तेज हो गई हैं।
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बताया जा रहा है कि कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध को सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। हालांकि, इस दौड़ में हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष उदय भान का नाम भी मजबूती से लिया जा रहा है। संगठन में लंबे अनुभव और सक्रिय भूमिका के चलते वे भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।