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हरियाणा में दो राज्यसभा सीट के लिए तीन नामांकन: संजय भाटिया और कर्मवीर बाैद्ध के सामने खड़े हुए सतीश नांदल

Thu, 05 Mar 2026 02:32 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

राज्यसभा चुनाव के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। आज नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है।
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निर्दलीय के ताैर पर नामांकन के लिए पहुंचे सतीश नांदल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन है। भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध ने नामांकन भर दिया है। भाटिया के साथ सीएम नायब सैनी माैजूद रहे। 
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वहीं सतीश नांदल बताैर निर्दलीय नामांकन करने पहुंचे हैं। उनके साथ विधायक सावित्री जिंदल, देवेंद्र कादियान और राजेश जून भी हैं।  नांदल ने कहा कि मैं निर्दलीय नामांकन दाखिल कर रहा हूं। निर्दलीय मेरे साथ हैं। मैं कांग्रेस, इनेलो, भाजपा विधायकों से वोट मांगूंगा। सभी मेरे भाई हैं। 
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संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास

संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। 

राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव

वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है।

अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं। 
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