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Chandigarh-Haryana News: हरियाणा ने रखी केंद्रीय राजस्व में हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग

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वित्त आयोग को एनसीआर में आने वाले राज्यों के क्षेत्र के प्रतिशत के आधार पर निधियों का बंटवारा करने का प्रस्ताव दिया
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मुख्यमंत्री ने की सेनाओं में राज्य की आबादी के प्रतिशत के आधार पर राजस्व में हरियाणा की हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
प्रदेश सरकार ने बीते कुछ वर्षों में केंद्रीय कर राजस्व के हस्तांतरण में कम हिस्सा मिलने पर वित्त आयोग के सामने आपत्ति जाहिर करते हुए राजस्व हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एनसीआर में आने वाले राज्यों के क्षेत्र के प्रतिशत के आधार पर निधियों के हस्तांतरण का मानदंड तय करने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा देश की सशस्त्र सेनाओं में सेवारत राज्य की आबादी के प्रतिशत के आधार पर नया मानदंड तय करने और ऐसी राज्य सरकारों को केंद्रीय करों का एक समान हिस्सा आवंटित करने का भी प्रस्ताव दिया है। 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।
डॉ. पनगढ़िया ने बताया कि वित्त आयोग की प्राथमिक भूमिका स्थानीय निकायों और आपदा राहत के लिए अनुदान देने के साथ केंद्र और राज्यों के बीच केंद्र सरकार के राजस्व का विभाजन करना है। हरियाणा ने अन्य कई राज्यों की तरह डिविजिबल-पूल में मौजूदा हिस्सा 41 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की मांग की है। इसके अलावा क्षैतिज-विभाज्य (होरिजेंटल-डिविजिबल) में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा है। सरकार ने बताया कि देश में प्रमुख राज्यों में हरियाणा 3,53,182 रुपये प्रति व्यक्ति आय के साथ दूसरे स्थान पर है। सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने वाला हरियाणा पहला प्रदेश है। 2024-25 में जीएसटी संग्रहण में राज्य पांचवें और प्रति व्यक्ति जीएसटी संग्रहण में प्रमुख राज्यों में पहले स्थान पर है। प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 6,77,033 करोड़ रुपये अनुमानित है।
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जीएसटी लागू होने के बाद राज्य के नुकसान पर डॉ. पनगढ़िया ने कहा कि कई अन्य राज्यों ने भी इस संबंध में चिंता जताई है। आयोग के सभी सदस्यों की सहमति से इस पर फैसला लिया जाएगा। इस दौरान आयोग की सदस्य एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पांडा और डॉ. सौम्य कांति घोष, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल और सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग भी मौजूद रहे।


हरियाणा की प्रमुख सिफारिशें
- जनसंख्या के आधार पर अंक को 15 फीसदी से घटाकर 7.5 प्रतिशत किया जाए और क्षेत्र के अंक को 15 फीसदी ही रखा जाए। राज्य ने वन्य और इकोलॉजी के अंक को 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की मांग की है। आय दूरी के अंक को 45 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी करने का सुझाव दिया है। इसके पीछे मौजूद फॉर्मूले को नुकसानदेह बताते हुए देश के बड़े राज्यों में प्रति व्यक्ति आय में हरियाणा के दूसरे नंबर पर होने का तर्क दिया गया है।

- राज्य ने कर राजस्व सृजन में खुद के बेहतर होने के आधार पर टैक्स और राजकोषीय प्रयास के लिए अंक को 2.5 फीसदी से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने की सिफारिश की है। जीएसटी लागू होने के कारण उनके राजस्व में हानि होने का हवाला देकर 15 फीसदी अंक देने वाला नया-क्राइटेरिया शुरू करने का सुझाव दिया है, ताकि राज्य के वित्तीय नुकसान की पूर्ति हो सके।

हरियाणा के प्रमुख सुझाव -
- सीएम सैनी ने कहा कि कुछ राज्य केंद्र की योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए अपने कोष से खर्च करते हैं। उन्होंने ऐसे राज्यों के लिए विशिष्ट अनुदान देने का सुझाव दिया।

- सीएम ने आयोग को एमएसपी आधारित खरीद निर्धारित करने वाले राज्यों के लिए विशिष्ट अनुदान देने पर भी विचार करने का सुझाव दिया है।

- सीएम ने आयोग से वर्ष 2026-31 के लिए स्थानीय निकायों को अनुदान के मानदंडों में महिला आरक्षण और सदस्यों के लिए शैक्षणिक योग्यता को शामिल करने का आग्रह किया।



भविष्य का रोडमैप
- प्रदेश में अगले 5 वर्षों में 5233 ई-लाइब्रेरी, 5851 इंडोर जिम, 2450 ग्राम सचिवालय, 1281 तालाबों का जीर्णाेद्धार, 5473 महिला सांस्कृतिक केंद्र व महिला चौपाल, 217 योग व व्यायामशालाएं, 5774 फिरनियों पर स्ट्रीट लाइटें और 622 फिरनियों को पक्का करने की योजना है


- आयोग से जिला परिषद अध्यक्षों, ग्राम पंचायतों के सरपंचों और ग्रामीण स्थानीय निकायों के अन्य प्रतिनिधियों ने विभिन्न श्रेणियों में ग्राम पंचायतों के लिए संसाधनों के आवंटन में वृद्धि करने का अनुरोध किया।
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विधायकों की मांगें

भाजपा विधायक योगेंद्र राणा ने कहा कि गांवों के विकास के लिए बजट में वृद्धि हो। अभी गांवों में बिजली आपूर्ति, तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए अतिरिक्त फंड की आवश्यकता बताई। आयुष्मान भारत योजना का भी बजट बढ़ाने और एनसीआर में आने वाले जिलों को विशेष लाभ देने व पीएम आवास योजना का बजट बढ़ाने की भी मांग रखी।



- भाजपा विधायक शक्ति रानी शर्मा ने विकास कार्यों को गति देने के लिए अधिक फंड देने की मांग की।



- कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को मजबूती प्रदान करने, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बजट में वृद्धि, नर्सिंग कॉलेजों के निर्माण, सीएचसी केंद्रों के विस्तार, डायलिसिस केंद्र खोलने और गरीबों के लिए सुलभ व सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं तय करने की मांग की।



- कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली, सड़क और पानी की परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की मांग की। गांवों में सीवरेज सुविधा मजबूत करने के लिए तय 10 हजार आबादी के मापदंड को भी हटाने का सुझाव दिया।



- कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कर्मचारी वर्ग के लिए पुरानी पेंशन योजना को दोबारा से लागू करने की मांग रखी। बैठक में कांग्रेस विधायक आफताब अहमद, कृष्णा गहलावत, डॉ कृष्ण कुमार, बलराम दांगी सहित अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया।
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उद्योगों के लिए नियमों को सरल बनाएं व सब्सिडी बढ़े : डॉ. पनगढ़िया
हरियाणा निवास में व्यापार एवं उद्योग के प्रतिनिधियों व उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में डॉ. पनगढ़िया ने पुराने नियमों को सरल बनाने और उद्यमियों को अधिक सब्सिडी देने पर जोर दिया। उद्योग क्षेत्र के एक प्रतिनिधि के जमीन बेचने के बजाय उसे उद्यमियों को पट्टे पर देने के सुझाव की उन्होंने सराहना की। उन्होंने सरकार को मध्यम क्षेत्र के उद्योगों में रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने को कहा।
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