हरियाणा में इस समय प्री एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) की गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ गई हैं। पिछले चार महीने से जारी प्री एसआईआर यानी वर्तमान मतदाता सूची का मिलान अभी तक सिर्फ 64.32 फीसदी ही हो पाया है।
प्री एसआईआर में फतेहाबाद ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। इस जिले में करीब 86.28 प्रतिशत मैपिंग पूरी कर ली गई है। इसके बाद चरखी दादरी (82.63 प्रतिशत) और सिरसा (81.24 प्रतिशत) का स्थान है। कैथल (78.64 प्रतिशत), महेंद्रगढ़ (77.91 प्रतिशत) और भिवानी (77.79 प्रतिशत) जैसे जिले भी बेहतर स्थिति में हैं। वहीं, सबसे खराब स्थिति फरीदाबाद (29.18 प्रतिशत), गुरुग्राम (33.51 प्रतिशत) और पंचकूला (51.49 प्रतिशत) में। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरी और घनी आबादी वाले जिलों में यह धीमी प्रगति निर्वाचन आयोग के लिए परेशानी का सबब बन गई है। वहीं, नूंह (77.12 प्रतिशत), यमुनानगर (75.94 प्रतिशत), रेवाड़ी (75.41 प्रतिशत) और जींद (74.44 प्रतिशत) ने भी संतोषजनक प्रगति दिखाई है। हिसार और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों में यह आंकड़ा क्रमशः 73.57 और 70.28 प्रतिशत के आसपास है।
चुनाव आयोग ने फरवरी में घोषणा की थी कि हरियाणा समेत अन्य राज्य जहां एसआईआर की गतिविधियां नहीं हो पाई थी, वहां अप्रैल के महीने में एसआईआर का कार्यक्रम किया जाएगा। मगर इस बीच जनगणना शुरू हो गई है। जनगणना में हरियाणा के शिक्षकों की ड्यूटी लगी हुई है। एसआईआर के काम में भी शिक्षकों की ड्यूटी लगनी थी। ऐसे में अप्रैल व मई में एसआईआर की गतिविधियां संभव नहीं है। सूत्र बताते हैं कि अब हरियाणा में एसआईआर जून के महीने में हो सकता है। इसका एलान मई के आखिरी हफ्ते में होने की संभावना है।