फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: हरियाणा में प्री-एसआईआर की गतिविधियां पड़ी धीमी, अब तक 64 फीसदी मतदाताओं का ही मिलान

Wed, 29 Apr 2026 03:34 PM IST
Nivedita आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में करीब पौने तीन करोड़ की आबादी है और करीब दो करोड़ मतदाता हैं। राज्य चुनाव आयोग का कहना है कि जब तक एसआईआर की गतिविधियां शुरू नहीं होती, तब तक प्री एसआईआर की गतिविधियां जारी रहेगी। 
 
विज्ञापन
प्री एसआईआर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा में इस समय प्री एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) की गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ गई हैं। पिछले चार महीने से जारी प्री एसआईआर यानी वर्तमान मतदाता सूची का मिलान अभी तक सिर्फ 64.32 फीसदी ही हो पाया है। 

विज्ञापन


चुनाव आयोग के मुताबिक हरियाणा में हरियाणा में कुल 2,06,62,721 मतदाताओं में से केवल 1,32,91,291 की ही मैपिंग पूरी हो सकी है। यानी करीब 73,71,430 मतदाता (लगभग 35.68 प्रतिशत) ऐसे हैं, जिनका मिलान नहीं हो सका है।

प्री-एसआईआर की तहत राज्य में बीएलओ के माध्यम से गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची वर्ष 2002 से वर्तमान मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है। जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो उनके माता-पिता, दादा-दादी का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मिलान किया जा रहा है। 
विज्ञापन


हरियाणा में करीब पौने तीन करोड़ की आबादी है और करीब दो करोड़ मतदाता हैं। राज्य चुनाव आयोग का कहना है कि जब तक एसआईआर की गतिविधियां शुरू नहीं होती, तब तक प्री एसआईआर की गतिविधियां जारी रहेगी। 

रिपोर्ट के अनुसार जिलों के प्रदर्शन में भारी असमानता देखने को मिल रही है। कुछ जिले जहां 80 प्रतिशत से अधिक मैपिंग पूरी कर चुके हैं, वहीं कुछ बड़े और शहरी जिले 50 प्रतिशत के आसपास या उससे भी नीचे हैं। जानकार कहते हैं कि मतदाता मैपिंग का सीधा संबंध चुनावी तैयारियों, डाटा की शुद्धता और योजनाओं के क्रियान्वयन से है। ऐसे में 35 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं का अभी तक मैपिंग से बाहर रहना गंभीर स्थिति मानी जा रही है। इससे न केवल प्रशासनिक डेटा प्रभावित हो सकता है बल्कि चुनावी प्रक्रिया की दक्षता पर भी असर पड़ सकता है।

फतेहाबाद में 86 फीसदी मिलान

प्री एसआईआर में फतेहाबाद ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। इस जिले में करीब 86.28 प्रतिशत मैपिंग पूरी कर ली गई है। इसके बाद चरखी दादरी (82.63 प्रतिशत) और सिरसा (81.24 प्रतिशत) का स्थान है। कैथल (78.64 प्रतिशत), महेंद्रगढ़ (77.91 प्रतिशत) और भिवानी (77.79 प्रतिशत) जैसे जिले भी बेहतर स्थिति में हैं। वहीं, सबसे खराब स्थिति फरीदाबाद (29.18 प्रतिशत), गुरुग्राम (33.51 प्रतिशत) और पंचकूला (51.49 प्रतिशत) में। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरी और घनी आबादी वाले जिलों में यह धीमी प्रगति निर्वाचन आयोग के लिए परेशानी का सबब बन गई है। वहीं, नूंह (77.12 प्रतिशत), यमुनानगर (75.94 प्रतिशत), रेवाड़ी (75.41 प्रतिशत) और जींद (74.44 प्रतिशत) ने भी संतोषजनक प्रगति दिखाई है। हिसार और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों में यह आंकड़ा क्रमशः 73.57 और 70.28 प्रतिशत के आसपास है।

अब जून में हो सकता है एसआईआर

चुनाव आयोग ने फरवरी में घोषणा की थी कि हरियाणा समेत अन्य राज्य जहां एसआईआर की गतिविधियां नहीं हो पाई थी, वहां अप्रैल के महीने में एसआईआर का कार्यक्रम किया जाएगा। मगर इस बीच जनगणना शुरू हो गई है। जनगणना में हरियाणा के शिक्षकों की ड्यूटी लगी हुई है। एसआईआर के काम में भी शिक्षकों की ड्यूटी लगनी थी। ऐसे में अप्रैल व मई में एसआईआर की गतिविधियां संभव नहीं है। सूत्र बताते हैं कि अब हरियाणा में एसआईआर जून के महीने में हो सकता है। इसका एलान मई के आखिरी हफ्ते में होने की संभावना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें