हरियाणा सरकार के दावों के बावजूद मंडियों में खरीद व उठान की व्यवस्था गेहूं की ढेरियों के बीच ढेर हो गई है। मंडियों में अभी तय लक्ष्य 75 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले में आधा गेहूं ही पहुंचा है, लेकिन इतने में ही मंडियां हांफ गई हैं।
कई मंडियों में शेड व खाली जमीन पर फसल रखने की जगह तक नहीं बची और आवक लगातार जारी है। हाल ये हैं कि सड़कों पर ढेरियां लगवानी पड़ रहीं हैं।
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सोनीपत में तो जिन खेतों से फसल को काटकर मंडी लाया गया था, उसे दोबारा बोरियों व तिरपाल में डालकर वहीं भिजवा दिया गया। अब खुले आसमान के नीचे हजारों टन फसल पड़ी है। मौसम विभाग ने शुक्रवार व शनिवार को बारिश की संभावना जताई है, ऐसे में फसल का खराब होना तय है।
वीरवार शाम तक मंडियों में पहुंची 78 फीसदी फसल को उठाया जाना बाकी है। अभी 36.07 एलएमटी गेहूं और आना बाकी है, उठान की वय्वस्था नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने से इन्कार नहीं किया जा सकता।