- 5 माह में 29 फीसदी बढ़ा संग्रह, 24,662 करोड़ रुपये का एसजीएसटी जुटाया, अगस्त में भी 21 फीसदी की बढ़ोतरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) से राजस्व जुटाने के मामले में हरियाणा देश में सबसे आगे है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त तक प्रदेश में 24,662 करोड़ रुपये का एसजीएसटी संग्रह हुआ। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 19,174 करोड़ रुपये एकत्र हुए थे। एक साल में संग्रह 5,488 करोड़ रुपये बढ़ा है और वृद्धि दर 29 फीसदी रही है जो देश के राज्यों में सबसे अधिक है। राष्ट्रीय स्तर पर इसी अवधि में एसजीएसटी संग्रह की औसत वृद्धि 16 फीसदी रही है।
अगस्त में भी प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा। समायोजन के बाद हरियाणा को एसजीएसटी से 4,982 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। अगस्त 2025 में यह राशि 4,119 करोड़ रुपये थी। यानी एक साल में 863 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और संग्रह 21 फीसदी बढ़ा है। देश में अगस्त के दौरान एसजीएसटी संग्रह की औसत वृद्धि 13 फीसदी रही।
कम करदाता, ज्यादा योगदान
हरियाणा में फिलहाल 6.63 लाख जीएसटी करदाता पंजीकृत हैं। देशभर के कुल जीएसटी करदाताओं में प्रदेश की हिस्सेदारी चार फीसदी से भी कम है। इसके बावजूद एसजीएसटी, केंद्रीय जीएसटी और एकीकृत जीएसटी को मिलाकर देश के कुल जीएसटी संग्रह में हरियाणा का योगदान करीब 7.7 फीसदी है।
वैट-सीएसटी से भी बढ़ी कमाई
जीएसटी के अलावा वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) व केंद्रीय बिक्री कर (सीएसटी) से भी सरकार की कमाई बढ़ी है। अप्रैल से अगस्त तक इन दोनों करों से 5,768 करोड़ रुपये मिले जबकि पिछले साल इसी अवधि में 5,067 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था। इस तरह वैट-सीएसटी से राजस्व में 701 करोड़ रुपये यानी 13.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।