- पीजीआई-2.0 की रिपोर्ट में हरियाणा के स्कूलों को प्रथम श्रेणी मिली, पारख सर्वेक्षण ने सीखने के स्तर को सुधारने की जरूरत बताई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा ने डिजिटल शिक्षा, स्कूल प्रबंधन, प्रशासनिक निगरानी और आधारभूत सुविधाओं के दम पर देश के अग्रणी राज्यों में जगह बनाते हुए प्रथम श्रेणी हासिल की है। शिक्षा मंत्रालय की परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई)-2.0 रिपोर्ट के अनुसार राज्य ने स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, टैबलेट वितरण, निपुण हरियाणा, मिशन बुनियाद, सुपर-100, पीएम श्री स्कूल और ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी योजनाओं के जरिए सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को मजबूत किया है।
रिपोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि हरियाणा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विद्यार्थियों के वास्तविक सीखने के स्तर को और बेहतर बनाना है। इस बार पीजीआई 2.0 में सीखने के परिणामों का आकलन पारख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 के आधार पर किया गया। हरियाणा सहित कई राज्यों के अंक इस मानक पर अपेक्षाकृत स्थिर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार अब केवल डिजिटल संसाधन और बेहतर प्रबंधन ही पर्याप्त नहीं होंगे बल्कि कक्षा में बच्चों की पढ़ने, समझने और गणितीय दक्षता में सुधार पर अधिक ध्यान देना होगा। यही क्षेत्र भविष्य में हरियाणा की रैंकिंग और शिक्षा की गुणवत्ता तय करेगा।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के मुताबिक हरियाणा ने शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद मजबूत कर ली है और अब अगली परीक्षा शिक्षा की गुणवत्ता को और ऊंचाई तक पहुंचाने की होगी। इसके लिए बच्चों की पढ़ने, समझने और गणितीय दक्षता में सुधार पर विशेष सुधार के लिए स्कूलों में विभिन्न तरह की प्रतियोगिताएं और परीक्षाएं भी आयोजित करवाई जा रहीं हैं। बच्चों के होमवर्क पैटर्न में अहम बदलाव किया गया है।