2024 में 4,638 युवाओं की जान सड़क हादसों में गई, किशोर और बच्चे भी दुर्घटनाओं का हो रहे शिकार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में सड़क हादसों में होने वाली मौतों का सबसे ज्यादा शिकार युवा वर्ग है। प्रदेश में 2024 में 18 से 30 वर्ष के युवाओं की मौतें पड़ोसी राज्य पंजाब और दिल्ली के आंकड़ों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं। हालांकि राजस्थान में हादसों का यह आंकड़ा हरियाणा से दोगुना है।
2024 में हरियाणा में 18 से 30 वर्ष के 4,638 युवाओं की सड़क हादसों में जान चली गई। इनमें 4,300 पुरुष और 650 महिलाएं हैं। 2023 में 4,726 युवाओं की जान गई थी। इनमें 4011 पुरुष व 715 महिलाएं थीं। 2024 में 14 से 18 वर्ष के किशोर वर्ग के 738 की जान सड़क हादसों में गई। इसमें 570 लड़के और 188 लड़कियां हैं। 2023 में 426 किशोर हादसों का शिकार हुए थे। इनमें 286 लड़के और 137 लड़कियां थीं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले किशोर भी सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। 2024 में 14 वर्ष से कम उम्र के 491 बच्चों की जान सड़क दुर्घटनाओं में चली गई। इनमें 303 बालक और 118 बालिकाएं हैं।
चंडीगढ़ पुलिस से सेवानिवृत्त डीएसपी सागर के अनुसार युवाओं का सड़क हादसों का शिकार होने का मुख्य कारण अत्यधिक रफ्तार और हाई-स्पीड कॉरिडोर हैं। इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाना, सुरक्षा उपकरणों जैसे हेलमेट और सीट बेल्ट का कम उपयोग और युवाओं का बाइक व कार को लेकर क्रेज भी दुर्घटनाओं को बढ़ा रहे हैं। बड़े शहरों और औद्योगिक जिलों में मौतें अधिक हैं।
युवाओं की मौत के प्रमुख कारण
तेज रफ्तार
नशा करके वाहन चलाना
सुरक्षा उपकरण की अनदेखी
युवाओं की बाइक और कार क्रेज
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2024 में हुए सड़क हादसों 18–30 वर्ष के युवाओं की मौत
राज्य मौत
हरियाणा 4,688
राजस्थान 9,500
पंजाब 4,300
दिल्ली 3,200