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Chandigarh-Haryana News: जाटलैंड में जजपा को ट्रैक पर लाने व कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश

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चंडीगढ़। साढ़े चार साल सत्ता में रहने के बाद विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने वाली जजपा ने अपने स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की। पार्टी अध्यक्ष डॉ. अजय चौटाला और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पार्टी को दोबारा ट्रैक पर लाने का संदेश दिया। जजपा रैली में अपने दम पर शक्ति प्रदर्शन किया। किसी दूसरे दल का कोई इसमें शामिल नहीं हुआ।
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रैली में दुष्यंत ने भाजपा के साथ किए गए गठबंधन को अपनी गलती करार देते हुए लोगों से खेद प्रकट किया और समझाने का प्रयास किया कि उस समय पार्टी की प्राथमिकता हरियाणा और अपने दल की सुरक्षा थी। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर कटाक्ष करते हुए जाट समुदाय को अपने पक्ष में खींचने की रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा कि हुड्डा ने भाजपा की बी टीम बनकर कांग्रेस की लुटिया डुबोई है। रैली का सबसे बड़ा आकर्षण भीड़ रही। पार्टी की ओर से 10 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं और पंडाल लगभग पूरा भरा था। इस भीड़ ने स्पष्ट किया कि जजपा में अब भी कार्यकर्ता सक्रिय हैं और पार्टी के प्रति निष्ठा बरकरार है।
इस रैली का महत्व केवल उत्सव या भाषण देने तक सीमित नहीं था। यह पार्टी के पुनर्गठन और संगठनात्मक मजबूती का संकेत था। दुष्यंत ने खुले तौर पर सत्ता और संगठन में अपनी सक्रिय भूमिका का प्रदर्शन किया। रैली का सबसे बड़ा असर कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ेगा। पार्टी की हार के बाद कार्यकर्ता हतोत्साहित थे लेकिन इस रैली ने संगठन और कार्यकर्ता नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने का संदेश दिया। राजनीतिक दृष्टि से यह रैली आगामी विधानसभा चुनाव में जजपा की रणनीति और जुलाना सीट पर नजर रखने के संकेत के रूप में देखी जा सकती है। ब्यूरो
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