अब और पहले मानदेय
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि मेयर का मानदेय 30 हजार रुपये, सीनियर डिप्टी मेयर का 25 हजार रुपये, डिप्टी मेयर का 20 हजार रुपये होगा। इसी तरह नगर परिषद के प्रधान को 18 हजार रुपये, नगर पालिका के प्रधान को 15 हजार रुपये और उपप्रधान को 12 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। जबकि, पहले मेयर को 20,500 रुपये मासिक मानदेय मिलता था। इसी प्रकार, सीनियर डिप्टी मेयर को 16,500 रुपये, डिप्टी मेयर को 13,000 रुपये और पार्षदों को 10,500 रुपये मानदेय मिलता था।
हर तिमाही बैठक पर मिलेगा मानदेय
सीएम ने कहा कि नगर निगम का फंड 10 करोड़ रुपये और नगर परिषदों व पालिकाओं का ढाई-ढाई करोड़ रुपये किया गया है। वहीं, बोर्ड सचिव नहीं होने के कारण हर निगमों की बैठक नहीं हो पाती थी। अब निगमों को छूट दी गई कि किसी भी ग्रेजुएट युवा को बोर्ड सचिव के रूप में बुलाकर तिमाही बैठक की जा सकेगी। बोर्ड सचिव को एक हजार रुपये प्रति बैठक मानदेय मिलेगा। साथ ही पार्षदों को 1600 रुपये और चेयरमैन को 3 हजार रुपये की राशि मिलेगी। वहीं, विशेष कार्यक्रम के लिए नगर परिषद को 20 हजार रुपये और नगर पालिका को 10 हजार रुपये की राशि मिलेगी।
दस में से सात महिला मेयर
अंबाला की मेयर शैलजा सचदेवा, यमुनानगर की मेयर सुमन बहमनी, करनाल की मेयर रेनू बाला गुप्ता, पानीपत की मेयर कमल सैनी, फरीदाबाद से मेयर प्रवीण जोशी, गुरुग्राम से मेयर राजरानी, हिसार से मेयर प्रवीण कुमार, मानेसर से डॉ. इंद्रजीत कौर, सोनीपत से मेयर राजीव जैन और रोहतक से मेयर राम अवतार ने शपथ ली। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, परिवहन मंत्री अनिल विज, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, खेल मंत्री गौरव गौतम, कालका की विधायिका शक्ति रानी शर्मा, पूर्व विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल, पूर्व मंत्री सुभाष सुधा सहित अन्य उपस्थित रहे।