भ्रष्टाचार करने पर जींद के 12 पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र जारी हुआ है। इन पटवारियों पर भ्रष्टाचार करने व सहायक रखने के आरोप भी हैं। इन पर इंतकाल, रजिस्ट्री, नकल फर्द बनाकर, रकबे के साथ छेड़खानी कर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
इनमें जींद तहसील पटवारी नरेश चहल पर इंतकाल, रजिस्ट्री, नकली फर्द बनाकर रकबे के साथ छेड़खानी करके भ्रष्टाचार करने और पड़ाना निवासी बलविंदर व जींद निवासी विनोद को सहायक रखने के आरोप हैं, पटवारी अतेंद्र पर लगभग डेढ़ वर्ष से इंतकाल, रजिस्ट्री नकली फर्द बनाकर रकबे के साथ छेड़खानी करके भ्रष्टाचार किया व पड़ाना निवासी सचिन को सहायक रखा गया। विकास चहल इंतकाल, रजिस्ट्री नकली फर्द बनाकर रकबे के साथ छेड़खानी करके भ्रष्टाचार करने व बरसाना निवासी प्रदीप को सहायक रखने के आरोप हैं।
इसके अलावा जिले के नरवाना के खंड से पटवारी नसीब व सुरेश, खरल से नरेश पटवारी, सफीदों तहसील से सज्जन, दिनेश कुमार व अशोक, पिल्लूखेड़ा तहसील से संदीप गौतम व कुलदीप मोर व जुलाना तहसील से आशीष पटवारी पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे हैं। इन पर अब डीसी को 15 दिन में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अब राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर सरकार सख्त हो गई। इसी कड़ी में 14 जनवरी को जिले में ऐसे पटवारियों को चिन्हित कर एक पत्र भी जारी किया गया है, जो अपने पास सहायक रखकर कार्य कर रहे थे। ऐसे जिले में 36 पटवारी है, जिन पर जमीन के खाते तकसीम करवाने, पैमाइश, इंतकाल, रिकॉर्ड दुरुस्त करने व नक्शा आदि बनवाने के नाम पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। इनमें से 20 पटवारियों ने अपने पास सहायक भी कार्य के लिए रखे हुए हैं।
पत्र में यह भी कहा गया है कि सैकड़ों लोग अपने जमीन संबंधी कार्य करवाने के लिए पटवारियों के पास जाते हैं। इन पटवारियों द्वारा बार-बार नोट लगाकर परेशान किया जाता है। ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त से सख्त नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 15 दिन के अंदर क्रियान्वयन रिपोर्ट सरकार को भेजने की बात कही गई हैं।
किसी पटवारी ने रखे सहायक तो कोई सीधा ले रहा काम के रुपये
जिले में 36 में से 20 पटवारियों ने नियम के विरुद्ध अपने पास सहायक रखे हुए हैं। यह सहायक इंतकाल, फर्द, केसीसी, लोन उतरवाने, जमीन पैमाइश जैसे कार्य के लिए कोई आता है तो उनसे अवैध वसूली लेकर कार्य करते हैं। वहीं बाकी के 16 पटवारी सीधे आमजन से रुपये लेकर कार्य करते हैं।
अनेक पटवारियों पर दो से 10 हजार रुपये लेने के लगे हैं आरोप:
उपायुक्त के पास भेजी गई रिपोर्ट में इंतकाल, रजिस्ट्री जैसे कार्यों के लिए 2 हजार से 10 हजार तक लेते हैं। इनमें कुछ के पास तो सहायक है, वह रुपये लेते हैं। वहीं कुछ पटवारी सीधे ही आने वाले लोगों से रुपये लेते हैं।
इन सर्कल के पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा:
हुडीना पटवार सर्कल के पटवारी रविंद्र कुमार, चिंडालिया पटवार सर्कल की सोनिका पटवारी, गुवानी पटवार सर्कल के पटवारी सुशील कुमार, सलुनी पटवार सर्कल के पटवारी अरविंद, डेरोली अहीर पटवार सर्कल के पटवारी जितेंद्र कुमार, कोजिंदा पटवार सर्कल के पटवारी रमेश सिंह, नारनौल द्वितीय पटवार सर्कल के पटवारी सिद्धांत, मारोली पटवार सर्कल के पटवारी नितेश, कांवी पटवार सर्कल के पटवारी अशोक कुमार, रामबास पटवार सर्कल के पटवारी सुनील कुमार, सैदपुर पटवार सर्कल के पटवारी राजपाल, अटेली पटवार सर्कल के सुनील, राता कलां पटवार सर्कल के प्रवीण, बोचड़िया पटवार सर्कल के कृष्ण, बाछोद पटवार सर्कल के संदीप, कमानिया पटवार सर्कल के रविंद्र कुमार, बिगोपुर पटवार सर्कल के राजकुमार, शहबाजपुर पटवार सर्कल के शिशपाल कुमार, नांगल चौधरी पटवार सर्कल के दीपक कुमार, सिरोही बहाली पटवार सर्कल के रामबिलास, सेहलंग पटवार सर्कल के मनोज कुमार, सीहोर पटवार सर्कल की सीमा शर्मा, जेरपुर पटवार सर्कल की दीपिका, पाली पटवार सर्कल के सुनील तंवर, कुक्सी पटवार सर्कल के कर्मवीर, कोथल कलां पटवार सर्कल के देवेंद्र सिंह, बुचावास पटवार सर्कल के ऋषि कुमार, भालखी पटवार सर्कल के सुनील यादव, खुडाना पटवार सर्कल के जोगेंद्र कुमार, बवाना पटवार सर्कल के सुरेंद्र सिंह, खरखडा पटवार सर्कल के सुरेंद्र सिंह, नांगल सिरोही पटवार सर्कल के सुनील कुमार, खेड़ा पटवार सर्कल के बाबर, पथरवा पटवार सर्कल के विकास पूनिया, जडवा पटवार सर्कल के भूपेश कुमार और श्यामपुरा पटवार सर्कल के विनीत पटवारी को शामिल किया गया है।
अधिकारी के अनुसार
इस मामले को लेकर राज्य स्तरीय बैठक की जा रही है। उसके बाद जो भी निर्णय बैठक में लिया जाएगा, उसके हिसाब से आगामी रणनीति बनाई जाएगी। -सुनील तंवर, प्रधान जिला पटवारी संघ महेंद्रगढ़।
भ्रष्टाचार करने पर सरकार की तरफ से जिले के 20 पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का पत्र जारी हुआ हैं। इस सभी पर भ्रष्टाचार करने और सहायक रखने के आरोप हैं। इसके अलावा कई अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। इनमें साल्हावास तहसील के तीन पटवारी हैं, जिनमें नरेंदर, संजय, महावीर शामिल हैं।
इसी प्रकार मातनहेल तहसील के 7 पटवारी हैं, जिनमें हुकम, अनिल, महेन्दर, नरेंद्र, मनोज देवी, जोगिंदर, दीपक शामिल हैं। झज्जर तहसील के दो पटवारी हैं, जिनमें विजय कुमार और मंजीत शामिल हैं। बहादुरगढ़ तहसील के चार पटवारी शामिल हैं। इनमें विजयवीर, संदीप, रमेश और. अशोक शामिल हैं। इसी प्रकार बेरी तहसील के तीन और बादली तहसील का एक पटवारी शामिल हैं। इसमें बेरी तहसील के विकास, राजपाल, बबिता जांगड़ा, बादली से महेन्दर शामिल हैं।
मुख्यालय ने डीसी को एक खुफिया रिपोर्ट भेजी है, जिसमें आरोप है कि जिले के पांच पटवारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। एक जहां सहायक के माध्यम से लेनदेन कर रहा है, जबकि दो खुद पैसे लेते हैं। जबकि दो वसीका नवीसों के माध्यम से पैसों का आदान-प्रदान करते हैं। कार्रवाई की सिफारिश से राजस्व विभाग में सनसनी है।
प्रदेश सरकार की तरफ से दिसंबर माह में खुफिया रिपोर्ट तैयार करवाई गई। सभी जिला मुख्यालयों से पूछा गया कि ऐसे पटवारियों के बारे में ब्यौरा दें, जो भ्रष्टाचार में शामिल हैं। जिले में 80 के करीब पुराने पटवारी हैं, जिनमें से पांच की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई थी। राजस्व विभाग के वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव की तरफ से डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि उक्त पटवारियों के खिलाफ 15 दिन में कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजें।
रिपोर्ट में भ्रष्टाचार का तरीका भी बताया गया
मुख्यालय ने डीसी साथ में खुफिया रिपोर्ट भी भेजी है। इसमें बताया गया है कि एक पटवारी दो वसीका नवीस के माध्यम से इंतकाल, वारिसान तसदीक इत्यादि के लिए पैसों का आदान-प्रदान करता है। इतन ही नहीं एक वसीका नवीस दूसरे पटवारी के लिए भी पैसे का लेनदेन कर रहा है। तीसरा पटवारी खुद ही पैसे का लेनदेन करता है। चौथे पटवारी ने निजी सहायक लगा रखा है, जो अपने आप को पटवारी बताता है। उसी के माध्यम से पटवारी पैसे का लेनदेन कर रहा है। पांचवें पटवारी पर आरोप है कि बाहर की जो पार्टी जमीन खरीदने आती है उसकी खरीद-फरोख्त में सक्रिय रहता है। इंतकाल, जमीन की पैमाइश व वारिसान तस्दीक इत्यादि कामों के लिए पैसे का आदान-प्रदान करता है।
अधिकारी के अनुसार
मुख्यालय से वीरवार को रिपोर्ट आई थी। डीसी कार्यालय की तरफ से आदेश जारी होंगे। इस संबंध में वे कुछ नहीं कह सकते।
-कनब लाकड़ा, डीआरओ।