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नशा तस्करों पर शिकंजा: अमर उजाला के अभियान पर एक्शन में आई सैनी सरकार, नशा मुक्ति केंद्रों की जांच के आदेश

Fri, 29 Nov 2024 08:59 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अमर उजाला 25 नवंबर से युद्ध-नशे के विरुद्ध अभियान के तहत लगातार अपनी खबरों के जरिये राज्य में नशे की गहरी जड़ों के बारे में खुलासा कर रहा है। अब हरियाणा सरकार इस पर एक्शन में आई है।
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नशे के विरुद्ध युद्ध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नशे के खिलाफ अमर उजाला की ओर से शुरू किए गए अभियान युद्ध-नशे के विरुद्ध ने हरियाणा सरकार को जगा दिया है। सरकार ने नशे के सौदागरों पर और ज्यादा शिकंजा कसने का फैसला लिया है। 
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नशीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने नशे के खिलाफ जन जागरूकता अभियान शुरू करने के साथ नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए योजना तैयार करने का फैसला लिया है। सभी एसडीएम को नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित जांच करने और इन केंद्रों में व्यापक सुधार के लिए अगले दस दिन में रिपोर्ट मांगी है।

अमर उजाला ने 25 नवंबर से नशे के खिलाफ युद्ध अभियान के तहत खबरें प्रकाशित की थी। इसका असर हुआ कि मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी ने वीरवार को नशे की रोकथाम में शामिल सभी विभागों और जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक बुला ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम के लिए ज्यादा सतर्कता, अंतर-विभागीय समन्वय और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना होगा। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया जाना है। इसके तहत नशा मुक्त अभियान से जुड़े विभागों को शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम करने होंगे। इन अभियानों का सोशल मीडिया पर भी प्रचार करना होगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच और जुड़ाव हो सके।

नशा पीड़ितों के पुनर्वास को रोजगार सेल बनाने के निर्देश

सरकार का मुख्य फोकस नशा छोड़ने वालों के पुनर्वास पर है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा छोड़ने वालों के कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए समर्पित सेल बनाया जाए। नशा मुक्ति की सफलता तभी है, जब कोई नशा पीड़ित व्यक्ति समाज की मुख्य धारा से जुड़ सके।

इस साल 4523 की गिरफ्तारी और 428 को सजा

हरियाणा नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक ओपी सिंह ने बैठक में बताया कि 2024 में नवंबर तक नशा तस्करी के 3005 मामले दर्ज कर 4,523 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 819 लोग वाणिज्यिक मात्रा में नशीले पदार्थ रखने के आरोपी हैं। इस साल 428 लोगों को अदालत ने नशा रखने या तस्करी का दोषी ठहराया। इसके अलावा 27 किलोग्राम हेरोइन, 265 किलोग्राम चरस, 8,520 किलोग्राम गांजा और 10 लाख से अधिक नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं जब्त की गईं। नशा तस्करों से जुड़ी 52.72 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त भी की गई। हरियाणा उदय के तहत 2,495 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम किए गए। प्रदेश के 104 नशा मुक्ति केंद्रों में से 99 मानकों के अनुरूप काम करते मिले। मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर एक केंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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अमर उजाला की खबर ट्वीट कर सुरजेवाला ने सरकार पर साधा निशाना

नशे के बढ़ते मामलों को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधा है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि किसान, जवान, खिलाड़ी और पहलवान हरियाणा की शान हैं, मगर नशे के कारोबारी इन्हें मौत के मुंह में धकेल रहे हैं। नशे के सौदागर खुलेआम हरियाणा के वर्तमान से खिलवाड़ कर भविष्य को खोखला कर रहे हैं।

हरियाणा के नौजवानों और खिलाड़ियों को नशे का जहर दिया जा रहा है। अकेले रोहतक पीजीआई में ही 4 साल में 50 खिलाड़ी नशे के फंदे में फंसकर इलाज कराने दाखिल हो चुके हैं। इससे पूरे प्रदेश की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। नशे की लत उन्हें ''मनोरोगी रोगी'' बनाने से लेकर, उनके लिए ''मौत का औजार'' तक बनती जा रही है। मगर भाजपा सरकार इन नशा माफियाओं और मौत के सौदागरों से हरियाणा को मुक्त कराने की बजाय, खुद सत्ता के नशे में डूबी हुई है।

 
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