अनावश्यक शब्द हटाए गए, किसी ने भी पैसा नहीं लिया
राज्य गीत कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण यादव ने कहा कि गीत बनाने में कई लोगों का योगदान रहा है। गीत के भाव और भाषा को लेकर कई सुझाव आए थे। यादव ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी इसमें सुझाव दिए थे। गीत के बोल सुंदर गोरी महिलाओं के शब्द पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि फिर काली कहां जाएंगी? उनके सुझाव पर विचार करते हुए इस शब्द की जगह सुंदर स्याणी नारी को शामिल किया गया। इस दौरान कमेटी की सदस्य गीता भुक्कल ने कहा इस गीत को लिखने, गाने और संगीत देने वाले गीतकार व कलाकारों ने कोई भी पैसा नहीं लिया है। जबकि उन्हें सरकार की ओर से ऑफर किया गया था।
डॉ. बालकिशन ने लिखा गीत, 12 बैठकों के बाद हुआ फाइनल
हरियाणा के राज्य गीत को पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है। इसके गीतकार डा. श्याम शर्मा हैं। वहीं, संगीतकार पारस चोपड़ा व निर्देशित मालविका पंडित ने किया है। इस गीत को फाइनल करने के लिए कमेटी की कुल 12 बैठक हुई हैं। राज्य गीत फाइनल करने के लिए पांच विधायकों की कमेटी बनी थी, जिसमें भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को अध्यक्ष व गीता भुक्कल, विनोद भयाना, बलवान सिंह दौलतपुरिया और आदित्य देवीलाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। कमेटी के पास कुल 204 गीत पहुंचे थे।
तीन ने जताई थी आपत्ति
राज्य गीत पर राज्य के तीन लोगों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह गीत उन्होंने लिखा था। उनका आरोप था कि गीत में शामिल उनके बोल उनके गीत से कॉपी किया गया है। हालांकि कमेटी इन सभी आपत्तियों को खारिज कर राज्यगीत फाइनल कर लिया है।
यह है हरियाणा का राज्य गीत
जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।
पावन धरती वेदों की, जहां हुआ हरि का आणा ।।
जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।
गीता ज्ञान धरोहर इसकी, महाभारत इतिहास ।
मुकुट शिवालिक आधार अरावली, यमुना बहती पास ।।
मौज मनावैं, कातक न्हावैं, पूरी मन की आस ।
सरस्वती के अमृत रस का, यहीं सदा है वास ।।
सादा जीवन सादा बाणा, दूध दही का खाणा ।
जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा।
छैल छबीले मर्द निराले, सुंदर स्याणी नार ।
होली, दिवाली, ईद, गुरपुरब, मनते तीज त्योहार ।।
भाईचारा जग से न्यारा, बढ़े प्यार में प्यार ।
दिन दूणा अर रात चौगुणा, शिक्षा और व्यापार ।।
बजते डेरू, ढोल, नगाड़े, सांग, रागणी गाणा।
जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा।
उपजाते हैं फसल सुनहरी, खेतों बीच किसान ।
खेल खिलाड़ी मेडल लाकर करें देश का मान ।।
सीमाओं पर हरदम चौकस यहां के वीर जवान ।
छोटा सा प्रदेश, देश की अजब निराली शान ।।
अतिथि देवो भवः यहां सेवा धर्म निभाणा ।
जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।
जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा ।।