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Haryana: इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की समीक्षा, डीजीपी ने ली बैठक

Thu, 14 Aug 2025 12:51 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

डीजीपी हरियाणा ने बैठक में कहा कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) पुलिस की प्रथम प्रतिक्रिया का चेहरा हैं और जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए इनकी सेवाएं तेज, सटीक और संवेदनशील होनी चाहिए। 
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Haryana DGP Shatrujit Kapoor - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)  शत्रुजीत कपूर ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) की कार्यक्षमता एवं प्रदर्शन को पहले की अपेक्षा बेहतर बनाने के लिए उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर डीजीपी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनता को आपातकालीन स्थिति में त्वरित, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए ईआरवी को निरंतर सुदृढ़ किया जाना अत्यंत आवश्यक है। 

डीजीपी हरियाणा ने ईआरवी की कार्यक्षमता बढ़ाने के दिए निर्देश

डीजीपी हरियाणा ने बैठक में कहा कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) पुलिस की प्रथम प्रतिक्रिया का चेहरा हैं और जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए इनकी सेवाएं तेज, सटीक और संवेदनशील होनी चाहिए। उन्होंने बैठक मे उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिक्रिया समय में सुधार, स्टाफ का नियमित प्रशिक्षण, और तकनीकी निगरानी के माध्यम से ईआरवी की कार्यक्षमता को निरंतर बढ़ाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रत्येक वाहन की 24 घंटे निगरानी की जा रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में ईआरवी पर तैनात व्यक्ति की परफोरमेंस को लेकर निर्धारित बिंदुओ पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

प्रतिक्रिया समय (रिस्पांस टाइम) सुधारने के निर्देश

डीजीपी ने जिलो के ईआरवी के औसत प्रतिक्रिया समय की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को इसे और कम करने के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईआरवी द्वारा देर से की गई प्रतिक्रिया न केवल पुलिस की छवि को प्रभावित करती है, बल्कि पीड़ित व्यक्ति की मदद में भी बाधा डालती है।

डेटा व डैशबोर्ड के माध्यम से प्रदर्शन विश्लेषण

बैठक में हरियाणा 112 टीम के प्रतिनिधि ने एक विस्तृत पावर प्वाइंट प्रैजेंटेशन दी, जिसमें डैशबोर्ड और डेटा विश्लेषण प्रणाली के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रत्येक ईआरवी की लोकेशन, गति, प्रतिक्रिया समय और कॉल रिस्पॉन्स को रीयल-टाइम में ट्रैक किया जाता है। इस डेटा के आधार पर यह पता लगाया जाता है कि कौन-सा वाहन कितनी दक्षता से कार्य कर रहा है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।

ईआरवी स्टाफ का प्रशिक्षण

प्रेजेंटेशन में यह भी उल्लेख किया गया कि ऑडिट मॉड्यूल ऑफ ईआरवी विषय पर प्रत्येक जिला में तैनात ईआरवी के नोडल अधिकारियो तथा ईआरएसएस स्टॉफ के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण में उन्हें मॉड्यूल का लाइव डेमोस्टेशन करके इसकी कार्यप्रणाली, एसओपी, प्राथमिक उपचार के बारे में बताया गया। 
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कपूर ने कहा कि ईआरवी जनता की सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की रीढ़ है। हरियाणा पुलिस का लक्ष्य है कि आपात स्थिति में हमारी प्रतिक्रिया न केवल त्वरित हो, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और मानवीय दृष्टिकोण से भरपूर हो। इसके लिए तकनीक, प्रशिक्षण और निगरानी - तीनों मोर्चों पर लगातार सुधार किया जाएगा।

ये रहे उपस्थित 

बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था संजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात एवं राष्ट्रीय राजमार्ग हरदीप दून, आईजी कानून एवं व्यवस्था सिमरदीप सिंह, एआईजी चंद्रमोहन सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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