एक अक्तूबर 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गजेंद्र फोगाट को ओएसडी (स्पेशल पब्लिसिटी) के पद पर नियुक्त किया था। नियुक्ति पत्र की शर्तों के अनुसार यह नियुक्ति एक वर्ष के लिए थी। इन सेवा शर्तों के अनुसार सरकार इस अवधि को घटा भी सकती थी व सेवा विस्तार भी कर सकती थी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के ओएसडी (स्पेशल पब्लिसिटी) बिना सेवा विस्तार के पद पर नियुक्त हैं। उन्हें अक्तूबर 2024 के बाद से सेवा विस्तार नहीं मिला है। इसका खुलासा एक आरटीआई से हुआ है।
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आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने अपनी एक आरटीई में दावा किया है कि मुख्यमंत्री के ओएसडी (स्पेशल पब्लिसिटी) गजेंद्र फोगाट बिना सेवा विस्तार के पद पर नियुक्त हैं। उन्हें अक्तूबर 2024 के बाद से सेवा विस्तार नहीं मिला है। इसके बावजूद वह सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। इस पर फोगाट का दावा है कि यह आरटीआई उन्हें बदनाम करने के लिए वायरल की गई है। उनकी नियुक्ति अगले आदेश तक है। इसके अलावा जो सैलरी का दावा किया जा रहा है, वह भी गलत है। उन्हें सिर्फ 70 हजार सैलरी मिलती है। आरटीआई में कोठी लेने का भी दावा किया गया है, जबकि फोगाट ने इससे भी इन्कार किया है।
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने आरटीआई के जरिये बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी (स्पेशल पब्लिसिटी ) गजेंद्र फोगाट पिछ्ले सात महीने से अवैध रूप से नियुक्त हैं। बिना सेवा विस्तार वह सारी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। कपूर ने मुख्यमंत्री से ओएसडी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। कपूर ने बताया, एक अक्तूबर 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गजेंद्र फोगाट को ओएसडी (स्पेशल पब्लिसिटी) के पद पर नियुक्त किया था। नियुक्ति पत्र की शर्तों के अनुसार यह नियुक्ति एक वर्ष के लिए थी। चार अक्तूबर 2023 को आखिरी सेवा विस्तार एक वर्ष के लिए दिया जो 4 अक्तूबर 2024 को खत्म हो गया।
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वहीं, गजेंद्र फोगाट का दावा किया है कि जो 2023 में उनकी नियुक्ति के आदेश दिए गए हैं, उसमें अगले आदेश तक उनकी नियुक्ति की गई है। अभी कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है। इसलिए वे इस पद पर रहेंगे।