ये किए गए बदलाव
- नई व्यवस्था में कर्मचारियों की रैंकिंग 120 अंकों के संशोधित स्कोरिंग सिस्टम के आधार पर तय होगी।
- आयु का महत्व पहले कुल अंक निर्धारण में आयु का योगदान 75 प्रतिशत था, जिसे घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है।
- कर्मचारियों के अनुभव को भी वरियता मिलेगी। अब सेवा अनुभव को अब सेवा अनुभव को 25% वेटेज मिलेगा।
- विशेष परिस्थितियों और वास्तविक कठिनाइयों (जैसे बीमारी या पारिवारिक समस्या ) का सामना कर रहे कर्मचारियों के लिए मिलने वाले अंकों का हिस्सा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।
- गंभीर बीमारियों की सूची का भी विस्तार किया गया है। अब मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, बेहचेट रोग और अग्न्याशय व बोन मैरो प्रत्यारोपण मामलों को भी इसमें शामिल किया गया है।
- सेवानिवृत्ति से एक वर्ष पहले किसी कर्मचारी या शिक्षक का तबादला उसकी लिखित सहमति के बिना नहीं किया जाएगा।
- पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने की स्थिति में मेरिट अंक भी बढ़ाए गए हैं। पहले इस श्रेणी में पांच अंक मिलते थे, जिन्हें अब बढ़ाकर दस कर दिया गया है।
- हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कार्यरत किसी भी सरकार के नियमित कर्मचारियों को भी इस श्रेणी में शामिल किया गया है।
नई नीतियों की अधिसूचना जारी होते ही 2025 की मॉडल ऑनलाइन स्थानांतरण नीति और शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत चल रहे सभी स्थानांतरण अभियान स्वतः समाप्त माने जाएंगे। इसके तहत आठ हजार तबादले किए जा चुके थे। अब सभी पात्र कर्मचारियों को 2026 की नई और अधिक संतुलित व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
दयालु योजना में दावा अब छह महीने तक कर सकेंगे
बैठक में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालू-1) में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था के तहत अब मृत्यु या स्थायी विकलांगता की स्थिति में दावा (क्लेम) दाखिल करने की समय सीमा 3 महीने से बढ़ाकर 6 महीने कर दी गई है। यह राहत भविष्य के सभी दावों पर लागू होगी। साथ ही, पहले से दाखिल किए गए दावों को भी राहत देते हुए 3 महीने की अतिरिक्त छूट दी गई है। यानी अब मृत्यु या विकलांगता की तारीख से 6 महीने के भीतर किए गए दावों पर विचार किया जा सकेगा।
सरकार ने विलंब से दाखिल होने वाले दावों के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था बनाई है। 6 से 7 महीने की देरी वाले मामलों को एचपीएसएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, 7 से 9 महीने की देरी वाले मामलों को वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और 9 से 12 महीने तक की देरी वाले मामलों को वित्त मंत्री मंजूरी दे सकेंगे। योजना में एक व्यवस्थित शिकायत निवारण तंत्र भी स्थापित किया जाएगा। जिला स्तर पर उपायुक्त (डीसी) शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि जिला सांख्यिकीय अधिकारी दयालू-1 योजना के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
एनसीआर में पुराने ट्रक-बस बदलने पर बड़ी राहत
मंत्रिमंडल ने एनसीआर क्षेत्र के जिलों में पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए विशेष रियायतों को मंजूरी दी है। इस फैसले का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है। नई व्यवस्था के तहत बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले ट्रकों और बसों को हटाकर नए बीएस-6, इलेक्ट्रिक (ईवी) या सीएनजी वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। वहीं, यदि कोई पात्र लाभार्थी पुराना लेकिन बीएस-6, इलेक्ट्रिक या सीएनजी वाहन खरीदता है तो उसे मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट 10 वर्ष तक लागू रहेगी।
योजना के तहत खरीदे गए नए वाहनों के पंजीकरण शुल्क में भी छूट दी जाएगी। सरकार ने पुराने ट्रकों और बसों से जुड़े ऐसे बकाया कर और देनदारियों में भी राहत देने का फैसला किया है, जो एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं।
सरकार का मानना है कि इस योजना से पुराने वाहनों की जगह आधुनिक और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन आएंगे। इससे एनसीआर के जिलों में वायु गुणवत्ता बेहतर होगी और परिवहन क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल बदलाव को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना से लगभग 93 हजार ट्रक और 16 हजार से अधिक बसें लाभान्वित हो सकती हैं।
नर्सरी खोलने के लिए लाइसेंस लेना होगा
बैठक में हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम 2026 को मंजूरी दी है। नए नियमों के तहत नर्सरी खोलने के लिए लाइसेंस लेना, उसका नवीनीकरण करना और श्रेणी तय करने की स्पष्ट प्रक्रिया होगी। साथ ही नर्सरियों को न्यूनतम मानकों का पालन करना होगा और बेचे जाने वाले पौधों की पूरी जानकारी क्यूआर कोड के जरिए उपलब्ध करानी होगी।
यह नियम फल, सब्जी, फूल, मसाले, औषधीय और अन्य बागवानी पौधों पर लागू होंगे। अगर कोई नर्सरी खराब गुणवत्ता के पौधे बेचती है तो उसे किसानों को खेती की लागत का दोगुना मुआवजा देना होगा। इसके अलावा नर्सरियों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा और नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जा सकेगा। संक्रमित पौधों को नष्ट करना भी अनिवार्य होगा। शिकायतों के निपटारे के लिए समयबद्ध अपील व्यवस्था भी बनाई गई है।