पुलिस ने कई बार बुलाया
महिला ने कहा कि हिमाचल में एफआईआर दर्ज होने पर पुलिस ने कई बार बयान के लिए उसे बुलाया, लेकिन वह नहीं गई। उसने हिमाचल प्रदेश पुलिस से पूछा कि कैसे बिना पूछताछ किए मेरा नाम इस केस में गवाह के रूप में डाल दिया गया। उसने दावा किया है कि उसने पुलिस को बताया है कि होटल के कमरे ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। सबकुछ नार्मल था। आरोप लगाने वाली महिला ने पैसों के लालच में यह सब किया है। महिला ने कहा- यदि होटल में सामूहिक बलात्कार होता तो आसपास के लोगों को पता नहीं चलता। किसी ने भी ड्रिंक नहीं की थी।
महिला का दावा, वह पीड़िता के बॉस को नहीं जानती
प्रेस वार्ता में जब उससे पूछा गया कि क्या वह पीड़िता के बॉस को जानती थी तो उसने कहा वह नहीं जानती थी। बस वह अपनी सहेली को जानती थी। जब उससे पूछा गया कि वह फिर कैसे अंजान व्यक्ति के साथ कमरे में रुक गई तो महिला ने कहा यह तो नार्मल बात है। क्या आप लोग कभी ऐसे नहीं रुके। उससे जब पूछा गया कि आपको यहां कौन लेकर आया है। किसने प्रेस कांफ्रेंस के लिए कहा है। इस पर उसने बताया, जब यह खबर सामने आई तो उसके पेरेंट्स ने मीडिया को सबकुछ बताने के लिए कहा। इसलिए मैं प्रेस कांफ्रेंस करने आई हूं। मेरे सामने न तो रेप हुआ। न मारपीट और न ही शराब पी गई। कोई वीडियो भी नहीं बनाया गया। यदि वीडियो बनाया जाता तो मैं यहां क्यों आती। वही, प्रेस कांफ्रेंस के दौरान होटल में पंचकूला के स्थानीय भाजपा नेता भी मौजूद थे। हालांकि वह प्रेस कांफ्रेंस में वह सामने नहीं आए।