हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की नवंबर 2025 की 1,134.54 करोड़ रुपये की फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (एफएसए) राशि वसूलने की याचिका खारिज कर दी है। पूर्व मंत्री एवं इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने इसे बिजली उपभोक्ताओं के हित में फैसला बताया है।
संपत सिंह के अनुसार, नवंबर 2025 की एफएसए राशि निर्धारित समय में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में नहीं जोड़ी गई थी। नियमों के मुताबिक समय पर वसूली नहीं होने के कारण जनवरी 2026 में यह राशि जब्त हो गई थी। इसके बावजूद दोनों बिजली निगमों ने इसकी दोबारा वसूली की अनुमति मांगी थी। उन्होंने आयोग के समक्ष इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा कि निगमों की देरी या प्रशासनिक लापरवाही का आर्थिक बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जा सकता। आयोग द्वारा दोबारा वसूली की अनुमति नहीं देना इसी सिद्धांत को मजबूत करता है।
संपत सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 से उपभोक्ताओं को मिलने वाले कई नकारात्मक एफएसए समायोजनों का लाभ भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027-28 की अनुमानित वार्षिक राजस्व प्राप्तियों पर होने वाली सुनवाई में वे इस मुद्दे को उठाएंगे।
उन्होंने फिक्स्ड चार्ज, बढ़ते बिजली शुल्क और नगर निकायों के टैक्स से घरों व छोटे कारोबारों पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ की समीक्षा की मांग भी की। उन्होंने कहा कि बिजली दरों से जुड़ी आगामी नियामकीय प्रक्रियाओं पर नजर रखी जाएगी और उपभोक्ताओं के हितों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।