हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक प्रस्ताव पढ़ा। वहीं कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई। इसके बाद उन्होंने कहा कि ये सदन सत्र असंवैधानिक है, इसके ख़िलाफ़ राज्यपाल से मिलकर बात करेंगे।
हरियाणा कांग्रेस विधायक सदन के बाहर टेंट में अपनी सदन चला रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह सदन दो घंटे तक चलेगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सदन में प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं माना जा सकता जब तक महिलाओं को समान अवसर और अधिकार न मिले। सीएम ने कहा कि महिलाओं के समर्थन में आज का विशेष सत्र बुलाया गया लेकिन विपक्ष आज भी वॉक आउट कर गया। जिस प्रकार का रवैया केंद्र में विपक्ष के बड़े नेताओं का है वैसा ही रवैया हरियाणा कांग्रेस ने भी दिखाया।
मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने की भी अपील की ।
कांग्रेस के निलंबित विधायक जरनैल सिंह ने बिल को समर्थन किया। कांग्रेस की ओर से सदन में सिर्फ जरनैल सिंह मौजूद हैं। सत्ता पक्ष ने मेज थपथपाकर स्वागत किया। कांग्रेस से निलंबित विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के लिए पार्टी विरोध क्यों कर रही है। आज अगर महिलाओं को मतदान का अधिकार है तो राजनीति में महिलाओं में भागीदारी भी जरूरी है। जरनैल सिंह ने कहा कि कांग्रेस विधायक बाहर सदन चला रहे हैं, ये बात सदन में बैठकर भी की जा सकती थी। यह बिल सर्वसम्मति से पास होना चाहिए।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हमारे सरकारी प्रस्ताव में निंदा शब्द का उपयोग नहीं हुआ है और न ही यह कोई राजनीतिक प्रस्ताव है। यह सरकारी प्रस्ताव केवल माता, बहनों के मान सम्मान और उनके अधिकार, सशक्तिकरण का प्रस्ताव है। विपक्ष के नेता विधानसभा की पार्किंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डुप्लीकेट विधानसभा चलाने का काम कर रहे हैं। यह इस महान सदन के इतिहास में पहली बार हुआ है। सदन में उपस्थित न होकर पार्किंग में नकली सदन चला रहे हैं।
कांग्रेस के विधायक जरनैल सिंह ने अपने वक्तव्य में खुद माना कि उनकी पार्टी की सोच बदलनी चाहिए। इस कुकृत्य के विरोध में सदन को एक निंदा प्रस्ताव लेकर आना चाहिए। विधायक अर्जुन चौटाला द्वारा रखे प्रश्नों का मुख्यमंत्री ने जवाब दिया।
सीएम ने कहा कि यदि सरकार जनगणना और परिसीमन का इंतजार करती तो 2029 में महिलाओं को 33% का आरक्षण नहीं मिलता। हमारी सरकार लगातार महिलाओं को सशक्त करने का कार्य कर रही है। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के किसी भी लाभार्थी परिवार का बीपीएल कार्ड रद्द नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र नारी शक्ति को समर्पित है।
16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार तीन क्रांतिकारी विधेयक लोकसभा में लेकर आई। संविधान का 131वां संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक।
2026 में होने वाली जनगणना और परिसीमन के बाद आरक्षण को लागू करना लक्ष्य था। विपक्ष की राजनीति का दोहरा चरित्र देश के सामने उजागर हुआ। विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया और कहा कि इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का प्रस्ताव केवल विपक्ष की आलोचना के लिए नहीं, बल्कि यह संदेश है कि जो भी महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे जनता के न्याय का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की।