भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि जब बीजेपी ज्वाइन की उसी दिन घोषणा की थी कि 50 सीटें बीजेपी की आएंगी। एक तरफ मुकाबला बीजेपी और दूसरी तरफ मुकाबला हुड्डा का है।
विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस बयान पर तीखी बहस हुई।
इस पर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि क्या कांग्रेस हुड्डा की है किसी और का दखल नहीं है। राम कुमार गौतम बहुत अच्छे आदमी है इनको बोलने दो जो कहना चाहते है, बाद में माफी भी मांग लेते हैं।
गाैतम ने कहा कि हुड्डा निजी तौर पर अच्छे आदमी है लेकिन गलत आदमियों से घिरे हुए हैं। मुकाबला सिर्फ बीजेपी और हुड्डा पार्टी का था। 10 साल का हुड्डा का कार्यकाल और 10 साल का बीजेपी का कार्यकाल, हम हर गांव में जा जाकर पूछते थे कि कितने आदमियों की नौकरी लगी। अब कहते थे हुड्डा के कार्यकाल में एक भी नौकरी नहीं मिली।
भूपेंद्र हुड्डा और कांग्रेस को एवीएम का दुख नहीं होना चाहिए। हुड्डा साहब एवीएम का दुखड़ा न रोओ, कांग्रेस की अगर 37 सीटें आई है तो सिर्फ सट्टेबाजों की वजह से आई है। किरण चौधरी से पूछा था कि तुम्हारा राज कैसे आएगा सिर्फ हुड्डा का ही राज आयेगा। सबसे ज्यादा बच्चे जाट समाज के नौकरी में लगे है। इसलिए नहीं की सिफारिश की बल्कि काबिल थे।
राहुल गांधी बार बार कहते हैं कि जाति जनगणना करवाऊंगा, अनुराग ठाकुर ने वही पूछ लिया कि तेरी जात क्या है। सदन में गौतम के बयान पर तीखी बहस हुई। उन्होंने कहा कि बिना खून का कतरा बहाए धारा 370 हटा दी, राम मंदिर बना दिया। यह काम पीएम मोदी ने दिया। भले ही भूपेंद्र हुड्डा दूसरी पार्टी बना ले लेकिन कांग्रेस कभी सत्ता में नहीं आएगी। 10 साल पहले बच्चे बसों में बदमाशी करते थे, कहते थे सर्टिफिकेट भी ले आएंगे और सिफारिश से नौकरी पर भी लग जाएंगे। अब बच्चे किलकी नहीं मारते बल्कि कोचिंग सेंटर ज्वाइन किए ताकि नौकरी लग सके।
36 बिरादरी के समर्थन से सरकार बनी है जिस दिन नायब सैनी को सीएम बनाया उसी दिन कहा था कि यह ट्रंप कार्ड है यह जरूर जीतेगा। सही समय पर सही फैसला बीजेपी ने लिया। जाट भाइयों को यह था कि भूपेंद्र हुड्डा बनना चाहिए। इस पर स्पीकर ने कहा कि जाति का शब्द सदन में इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, यह शब्द सदन की कार्यवाही से निकलेगा।