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Haryana Assembly: विधानसभा में इंस्पेक्टर भर्ती पर हंगामा, विधायक बोले-टाॅपर को फेल किया; विपक्ष का वाॅकआउट

Tue, 18 Mar 2025 08:47 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शून्यकाल में भाजपा विधायक ओमप्रकाश यादव ने 2008 में हुई इंस्पेक्टर भर्ती का मामला उठाया। उस दौरान 20 इंस्पेक्टर भर्ती किए गए थे। जो टाॅपर था, उसका सिलेक्शन नहीं हुआ। बल्कि फ्ल्यूड का इस्तेमाल कर फेल अभ्यर्थी को टाॅपर बना दिया।
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सदन में पहुंचे सीएम नायब सैनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल के दौरान 2009 में हुई पुलिस इंस्पेक्टरों की भर्ती पर मंगलवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। शून्य काल में भाजपा विधायकों ने नौकरियों में अनियमितताओं पर कांग्रेस पर आरोप लगाए। इससे गुस्साए कांग्रेस विधायक अपनी सीट से उठकर वेल तक पहुंच गए। स्पीकर ने दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। बाद में कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी कर वॉकआउट कर गए। हालांकि हंगामे के दौरान पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सदन में मौजूद नहीं थे।

प्रश्नकाल के बाद जैसे ही शून्यकाल की शुरुआत हुई तो भाजपा विधायक ओमप्रकाश यादव ने 2009 में इंस्पेक्टरों की भर्ती का मुद्दा उठाया। यादव ने कहा- उस समय की कांग्रेस की सरकार में 20 पुलिस इंस्पेक्टरों की भर्ती में भारी अनियमितता हुई थी। जिन्होंने टॉप किया था, लिस्ट में उनका नाम सबसे नीचे था, जबकि चयनित अभ्यार्थियों में पूर्व सीएम के रिश्तेदार शामिल थे। कांट छांट के लिए फ्लूड का भी इस्तेमाल हुआ था।

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इस मामले को लेकर एक दिन पहले यानी सोमवार को हाईकोर्ट ने भी माना था कि चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी थी। हालांकि चयन को रद्द करने से इन्कार कर दिया था। कांग्रेस के विधायकों ने खड़े होकर इसका विरोध जताया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने तंज कसते हुए कहा- सदन में आज कांग्रेस विधायक अखबार लेकर क्यों नहीं लाए। इस बीच स्पीकर ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की मगर वह नहीं मानें।

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सीएम सैनी बोले, टॉपरों के के साथ अन्याय हुआ है

विवाद बढ़ने पर सीएम नायब सिंह सैनी भी सीट से उठे और कहा- आज का फैसला हरियाणा के युवाओं के साथ जुड़ा है। युवाओं के साथ अन्याय हुआ है। जो बच्चा टॉपर था, उसका चयन नहीं किया गया। फ्लूड लगाकर टॉपर को नीचे कर दिया गया। हाईकोर्ट के फैसले से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस राज में नौकरियों में बंदरबांट होती थी। विधानसभा चुनाव में भी युवाओं से 50 वोट लेकर नौकरी देने का वादा किया गया था। इस दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने कहा- वह सरकार से आग्रह करेंगे कि वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाए, ताकि अभ्यार्थियों को न्याय मिल सके। नौकरियों में भेदभाव करना कांग्रेस का पुराना कल्चर रहा है।

विज की टिप्पणी के पर कांग्रेस वेल तक पहुंचे

बहस के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज भी अपनी सीट से उठे और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लेकर टिप्पणी की। इस पर कांग्रेस विधायक रघुबीर सिंह कादियान, कुलदीप वत्स, अशोक अरोड़ा व गीता भुक्कल भड़क गए। दोनों तरफ से बहस शुरू हो गई। गीता भुक्कल ने आरोप लगाया कि आपकी सरकार में भी तो एमबीबीएस भर्ती घोटाला हुआ है। उसका भी तो जिक्र करो। इस पर सीएम ने कहा- मैंने इसका विस्तार से जवाब दिया है। इस बीच विज फिर से सीट से उठे और दोबारा से अपनी टिप्पणी को दोहराया। उन्होंने कहा- इसमें गलत क्या है। आपको शब्दों का ज्ञान नहीं है। उसके बाद विवाद और बढ़ा और स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने विज की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने के आदेश दिए। इस दौरान कांग्रेस की ओर से विधायक व पूर्व स्पीकर रघुबीर कादियान ने हरविन्द्र कल्याण पर विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप लगाया। इस पर स्पीकर कल्याण भड़क गए और कहा- मैं चेयर के प्रति इस तरह की टिप्प्णी सहन नहीं करूंगा। उन्होंने कहा-आपको 51 मिनट मिले थे बोलने के लिए। दोनों के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते तक वेल पहुंचे। स्पीकर ने चेतावनी देते हुए कहा- हाउस में बैठना है तो ठीक ढंग से बैठे। उसके बाद कांग्रेस विधायक वॉक आउट कर गए।

विधायक बोले- मेरे पिता भी गए थे पर्ची लेकर

बहस के बाद भाजपा विधायक सुनील सतपाल सांगवान ने कहा – मेरे पिता भी हलके के एक गरीब परिवार के बेटे का रोल नंबर लेकर कांग्रेस सरकार के पास गए थे। उन्हें कहा गया अगर आपका कोई भाई-भतीजा है तो पर्ची दे दो, नहीं तो रहने दो। सुनील ने कहा – हमारा कोई भाई-भतीजा नहीं था। लेकिन उस समय उस गरीब परिवार के बच्चे का भी चयन नहीं हुआ।
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