- 1 से 15 जुलाई तक चलेगी ऑनलाइन प्रक्रिया, विकल्प नहीं देने वालों को कॉमन कैडर में रहने वाला माना जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने ग्रुप-डी कर्मचारियों के लंबे समय से चल रहे मुद्दे पर अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने हजारों कर्मचारियों को कॉमन कैडर में बने रहने या उससे बाहर निकलने का एकमुश्त विकल्प देने का निर्णय लिया है। इसके लिए 1 से 15 जुलाई तक ऑनलाइन प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत नियुक्त सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों तथा 28 मार्च 2018 से 31 मार्च 2020 के बीच अनुकंपा आधार पर नियुक्त कर्मचारियों पर लागू होगी। हाल ही में ग्रुप-डी सेवा ढांचे में किए गए संशोधनों के बाद कर्मचारियों को यह विकल्प देने का फैसला लिया गया है।
जो कर्मचारी कॉमन कैडर में बने रहने का विकल्प चुनेंगे वे हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम 2018 के प्रावधानों के तहत कार्य करते रहेंगे। वहीं कॉमन कैडर से बाहर होने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारी अपने-अपने विभागों के सेवा नियमों के अधीन आ जाएंगे। निर्धारित समय सीमा के भीतर विकल्प नहीं देने वाले कर्मचारियों को स्वतः कॉमन कैडर में बने रहने के लिए सहमत माना जाएगा।
सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है। पात्र कर्मचारी 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक निर्धारित पोर्टल पर जाकर अपना विकल्प दर्ज कर सकेंगे। लॉगिन केवल एचआरएमएस (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाले वन टाइम पासवर्ड के माध्यम से ही होगा।