चंडीगढ़। परीक्षाएं सिर पर हैं और प्रदेश के हजारों शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय चुनावी कार्यों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसी प्रक्रियाओं में उलझे हुए हैं। शिक्षकों की व्यस्तता बढ़ने के कारण छात्राओं की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। इस संबंध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा कर कहा है कि यह स्थिति सीधे-सीधे बच्चों के अध्ययन को प्रभावित कर रही है।
संघ ने पत्र में कहा कि वर्तमान समय छात्रों की पढ़ाई का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। ऐसे में शिक्षकों की कक्षा में उपलब्धता न होना छात्रों की शैक्षणिक प्रगति पर गहरा असर डालेगी।
संघ का कहना है कि चुनावी और तकनीकी कामकाज के लिए प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को पंजीकृत कर यह कार्य उनसे लिया जाए और शिक्षकों को छात्र हित में कक्षाओं में लौटाया जाए। ब्यूरो