गिरते लिंगानुपात को बचाने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों का असर दिखने लगा है। राज्य में लाडो की संख्या बढ़ने लगी है।
जिन जिलों में सुधार दिखने लगा है, उनमें पंचकूला, पानीपत, फतेहाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, कैथल, कुरुक्षेत्र, जींद, रेवाड़ी, भिवानी, फरीदाबाद, करनाल, महेंद्रगढ़, नूंह, यमुनानगर शामिल हैं। वहीं, पलवल, चरखी दादरी, सिरसा, सोनीपत, झज्जर में ज्यादा प्रगति नहीं हुई। हिसार व अंबाला का लिंगानुपात अभी पिछले साल के बराबर है।
1. विभिन्न विभागों की विशेष टास्क फोर्स गठित की गई, जो हर हफ्ते समीक्षा करती है।
2. सिविल सर्जन और एसएमओ की जिम्मेदारी तय की गई। लापरवाही पर पांच सिविल सर्जन से सवाल जवाब किया गया जबकि आधा दर्जन एसएमओ चार्जशीट किए गए।
3. हर सिविल सर्जन को छापे मारने के लक्ष्य तय किए गए। हफ्ते में दो छापे मारने का टारगेट दिया गया।
4. गर्भपात की गोलियों की अवैध बिक्री को रोका गया। हरियाणा रिटेल और होलसेल पर पाबंदी लगाई गई। जनवरी की शुरुआत में करीब 30 हजार गोलियों की खपत थी, जो अक्तूबर में आकर 150 के करीब पहुंची
हरियाणा अवैध गर्भपात के मामलों पर रोक लगाने के लिए 12 सप्ताह से अधिक गर्भपात के मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग की। इसमें 824 मामले ट्रेस किए गए, जिनमें 57 एफआईआर दर्ज की गई। 38 निजी अस्पताल व केंद्रों को नोटिस दिया गया। 20 मामलों की जांच पुलिस कर रही है। वहीं, 222 सहेली व 34 एएनएम, पांच एसएमओ व सात एमओ को नोटिस दिया जा चुका है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव के निर्देशानुसार राज्य टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साप्ताहिक बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव की ने की। बैठक में बताया गया कि चरखी दादरी के गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ को खराब लिंगानुपात के लिए आरोप पत्र जारी किया गया है। इसके अलावा, नारायणगढ़, मुलाना और चौरमस्तपुर के प्रभारी एसएमओ और पलवल, चरखी दादरी, सिरसा और सोनीपत के सीएमओ को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि फतेहाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, पानीपत और रेवाड़ी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जबकि सिरसा, सोनीपत और चरखी दादरी में गिरावट देखी गई है।