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Chandigarh-Haryana News: परीक्षा की पहली बार एआई तकनीकी से हुई निगरानी, 26 बड़ी स्क्रीन पर सीधे परीक्षा केंद्रों पर रही नजर

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- हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पंचकूला स्थित मुख्यालय पर कमांड कंट्रोल सेंटर किया गया था स्थापित
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सीईटी को लेकर पहली बार एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का उपयोग किया। सभी 22 जिलों के परीक्षा केंद्रों के कमरों तक इसी कंट्रोल रूम से निगरानी हुई। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के कमरे में लगाए गए कैमरों की प्रति 15 सेकंड बाद लाइव स्विंग होती और फिर अगले परीक्षा केंद्रों के कक्षों की लाइव तस्वीर दिखने लगती।
आयोग के पंचकूला स्थित मुख्यालय पर कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया था। इसी सेंटर में 26 बड़ी स्क्रीनों से प्रत्येक जिले में बनाए गए परीक्षा केंद्रों के अंदर लगे कैमरों से निगरानी की गई। जो कैमरे लगे हुए थे, वह प्रत्येक 15 सेकंड बाद स्विच करते और अगले कक्ष की लाइव तस्वीरें दिखाने लगते। एक बड़ी स्क्रीन पर नाै कैमरे लाइव परीक्षा केंद्र का हाल दिखाते। इस पूरी प्रक्रिया में एआई तकनीकी का उपयोग किया गया और इस प्रक्रिया के लिए 100 कर्मचारी तैनात रहे। 50 लैपटाॅप भी इस प्रक्रिया में लगाए गए। वहीं, प्रत्येक परीक्षा केंद्र की बायोमीट्रिक्स उपस्थिति देखने के लिए भी तीन अलग से स्क्रीन का उपयोग किया गया। एआई तकनीक के उपयोग का फायदा यह हुआ कि पूरी प्रक्रिया पर आसानी से नजर रखी जा सकी और किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा भी सामने नहीं आई।
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परीक्षा सामग्री की जीपीएस ट्रैकिंग और लाइव रिकाॅर्डिंग
परीक्षा को पारदर्शिता से कराना सबसे बड़ी चुनाैती था और इस बार आयोग ने योजनाबद्ध तरीके से परीक्षा का सफल आयोजन कराया। परीक्षा सामग्री को जीपीएस ट्रैकिंग (ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम) के साथ ही लाइव रिकाॅर्डिंग के माध्यम से सीधे निगरानी में रखा गया। इस बार आयोग ने नया प्रयोग यह भी किया था कि परीक्षा केंद्र में परीक्षा सामग्री खोलने के दाैरान सील लगी है कि इसे लेकर दो-दो परीक्षार्थियों के हस्ताक्षर कराए गए। परीक्षार्थियों को यह भी पहले ही बताया गया था कि यदि कहीं परीक्षा सामग्री की सील खुली हो तो वह हस्ताक्षर न करें और आयोग में शिकायत करें। आयोग का यह प्रयोग भी कारगर साबित हुआ।
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