13 जिलों में होगी निगरानी, वायरल लोड जांच और एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं की देखभाल पर भी फोकस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में एचआईवी संक्रमित मरीजों का इलाज आधा-अधूरा छूटने से रोकने और उन्हें लगातार स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़े रखने के लिए अब गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और कम्युनिटी बेस्ड ऑर्गेनाइजेशन (सीबीओ) की मदद ली जाएगी। राज्य के 13 जिलों में शुरू की जा रही इस पहल के तहत इलाज से दूर हुए मरीजों को ट्रैक किया जाएगा। साथ ही नए संक्रमित मरीजों की पहली वायरल लोड जांच, नियमित जांच की समय पर निगरानी और अधिक वायरल लोड वाले मरीजों की काउंसलिंग पर भी जोर रहेगा।
हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण समिति (एचएसएसीएस) ने इस काम के लिए पंजीकृत और पात्र एनजीओ व सीबीओ से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य एचआईवी से पीड़ित लोगों को आउटरीच सेवाएं उपलब्ध कराना और इलाज की निरंतरता बनाए रखने में मदद करना है। योजना को राज्य में दो प्रमुख क्लस्टरों में लागू किया जाएगा। पहले क्लस्टर में फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, नूंह, रेवाड़ी और पलवल जिले शामिल हैं। दूसरे क्लस्टर में कुरुक्षेत्र, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कैथल और सोनीपत को रखा गया है। चयनित संस्थाओं को अपने निर्धारित क्षेत्रों में एचआईवी संक्रमित मरीजों तक पहुंचने, उन्हें उपचार से जोड़े रखने और जांच संबंधी जरूरतों की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
इलाज छोड़ चुके मरीजों को खोजकर दोबारा उपचार से जोड़ेंगे
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य उन मरीजों तक पहुंचना है जिनका इलाज किसी कारण से बीच में छूट गया है। चयनित एनजीओ ऐसे मरीजों की पहचान और ट्रैकिंग करेंगे ताकि उन्हें दोबारा उपचार से जोड़ने में सहायता मिल सके। इसके अलावा नए पहचाने गए एचआईवी संक्रमित मरीजों को उनकी पहली वायरल लोड जांच तक ट्रैक किया जाएगा। जिन मरीजों की वायरल लोड जांच निर्धारित समय पर होनी है, उनकी भी निगरानी की जाएगी। अधिक वायरल लोड वाले मरीजों को काउंसलिंग उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी इन संस्थाओं को दी जाएगी।
एचआईवी संक्रमित गर्भवतियों व नवजातों पर भी रहेगा फोकस
योजना में एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं और उनसे जन्मे शिशुओं की देखभाल को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं से उनका जुड़ाव बनाए रखने में सहायता करना है। इसके साथ ही पात्र मरीजों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने में भी चयनित संस्थाएं सहयोग करेंगी। इस तरह यह पहल उपचार की निगरानी के साथ मरीजों को जरूरी सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी केंद्रित होगी। हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण समिति ने इच्छुक और पात्र एनजीओ व सीबीओ से सभी जरूरी स्व-सत्यापित दस्तावेजों के साथ आवेदन मांगे हैं। आवेदन की हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी जमा कराने की अंतिम तारीख 20 नवंबर शाम 5 बजे तक है।