चंडीगढ़। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त व विकास निगम ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सितंबर 2025 तक विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अनुसूचित जाति के 428 लाभार्थियों को कुल 328.17 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी है जिसमें 32.03 लाख रुपये की सब्सिडी भी शामिल है।
निगम के प्रवक्ता ने बताया कि निगम की ओर से अनुसूचित जाति से संबंधित लोगों को विभिन्न श्रेणियों के तहत अपना कारोबार और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण मुहैया करवाया जा रहा है।
इनमें कृषि व संबद्ध क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, व्यापार व कारोबार क्षेत्र व स्व रोजगार क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त व विकास निगम की सहायता से लागू योजनाओं के तहत भी पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता दी जा रही है।
प्रवक्ता के अनुसार कृषि व संबद्ध क्षेत्र के तहत 214 लाभार्थियों को डेयरी फार्मिंग, भेड़ पालन और सूअर पालन के लिए 176.05 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया गया है जिसमें से 164 लाख रुपये बैंक ऋण और 12.05 लाख रुपये सब्सिडी के रूप में जारी किए गए हैं। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र के तहत 214 लाभार्थियों को 152.12 लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई ग, जिसमें 116.93 लाख रुपये बैंक ऋण, 19.98 लाख रुपये सब्सिडी और 15.21 लाख रुपये मार्जिन मनी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि निगम केवल उन चिह्नित अनुसूचित जाति परिवारों को ऋण या लाभ देता है जिनकी सत्यापित वार्षिक पारिवारिक आय (पीपीपी में दर्ज) ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में तीन लाख रुपये से अधिक नहीं है। पात्र परिवारों को विभिन्न बैंकों के सहयोग से आय सृजन योजनाओं जैसे डेयरी फार्मिंग, भेड़पालन, पशु चालित गाड़ी, किराना दुकान, चमड़े का सामान बनाना, ब्यूटी पार्लर, टेंट हाउस, चूड़ी की दुकान, चाय की दुकान, वेल्डिंग की दुकान और बैंड पार्टी आदि व्यवसायों के लिए ऋण दिया जा रहा है।