15 नवंबर को फसल खरीद का काम पूरा होने के बाद राजस्व विभाग शुरू करेगा मुआवजे की कार्यवाही
छह जिलों में पटवारियों के स्तर पर दो हजार एकड़ फसल की गिरदावरी बाकी
5 लाख एकड़ से अधिक गिरदावरी का सत्यापन भी अभी नहीं हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
प्रदेश में बारिश के पानी और जलभराव से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे के लिए किसानों को नवंबर के अंत तक इंतजार करना पड़ सकता है। इसका पहला कारण है कि अभी छह जिलों में पटवारियों के स्तर पर 1966.34 एकड़ गिरदावरी का काम बाकी है। अधिकारियों के स्तर पर भी अगले चरण का 5,25,801.14 एकड़ का सत्यापन का काम अधूरा पड़ा है। दूसरा कारण है कि राजस्व विभाग पहले सरकारी फसल खरीद और बीमित किसानों का ब्योरा तैयार करा रहा है। 15 नवंबर तक धान की सरकारी खरीद होनी है। इसके बाद ही विभाग मुआवजे को लेकर कार्यवाही शुरू करेगा।
मानसून के दौरान प्रदेश में हुई भारी बरसात और खेतों में पानी भरने से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग उठी थी। किसानों, संगठनों और राजनीतिक दलों की मांग पर सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन मांगे थे। 15 सितंबर तक प्रदेश के 6395 गांवों के 5,29,265 किसानों ने पोर्टल पर नुकसान का ब्योरा दर्ज कराया था। इस ब्योरे के अनुसार 31,01,461.72 एकड़ फसलों में नुकसान हुआ था। प्रदेश के करीब 1400 पटवारियों के माध्यम से 18 जिलों में गिरदावरी का काम पूरा कर लिया गया है।
गिरदावरी का सत्यापन भी लंबित
प्रदेश में विशेष गिरदावरी का काम 20 सितंबर से शुरू हुआ था। पटवारियों के गिरदावरी करने के बाद इसका सत्यापन अधिकारियों को करना है। क्षतिपूर्ति पोर्टल के अनुसार अभी कानूनगो के स्तर पर 54,325.45 एकड़ और तहसीलदारों के स्तर पर 1,30,318.40 एकड़ गिरदावरी का सत्यापन होना बाकी है। एसडीएम स्तर पर 1,23,841.28 एकड़, जिला राजस्व अधिकारियों के स्तर पर 59,370.12 एकड़, उपायुक्त के स्तर पर 1,30,318.40 एकड़ और मंडलायुक्त के स्तर पर 27,627.49 एकड़ फसल का सत्यापन होना शेष है। दी रेवेन्यू पटवार व कानूनगो हरियाणा के राज्य प्रधान जयबीर चहल ने बताया कि पटवारी गिरदावरी पूरी कर चुके हैं अब अधिकारियों के स्तर पर सत्यापन होना शेष है।
अभी किसानों का ब्योरा मिलाया जा रहा
गिरदावरी को अंतिम रूप 15 नवंबर के बाद ही दिया जाएगा। अभी खरीफ 2025 में बीमित किसानों के ब्योरे का मिलान हो रहा है। 15 नवंबर तक खरीफ फसलों की खरीद भी चलनी है। खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किसानों की फसल बिक्री और नुकसान का सही आकलन हो सकेगा। इसलिए किसानों को मुआवजा नवंबर के आखिर तक ही मिल सकेगा।
डाॅ. यशपाल, महानिदेशक, हरियाणा भूमि रिकॉर्ड
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छह जिलों फसलों की गिरदावरी बाकी
जिला एकड़
झज्जर 150.22
पंचकूला 23.58
पानीपत 84.6
रेवाड़ी 1681.89
सिरसा 123.89
यमुनानगर 33.14
नोट - आंकड़े क्षतिपूर्ति पोर्टल के अनुसार