हरियाणा में खेल-खिलाड़ी और मजबूत कद-काठी को लेकर दूध दही का खाणा, यो मेरा हरियाणा कहावत काफी प्रसिद्ध है। वर्तमान में प्रदेश की नई पीढ़ी की स्थिति पर यह कहावत फिट नहीं बैठ रही है।
इसी तरह प्रदेश में 13 लाख 76 हजार 532 हजार बच्चों में 7 फीसदी बच्चों का वजन उनकी उम्र के आधार पर कम है, जबकि 4 फीसदी बच्चों का वजह उनकी उम्र के अनुसार ज्यादा है। इसी उम्र के 4 फीसदी बच्चे वेस्टिंग (वजन और लंबाई के अनुपात में कम वजन) से जूझ रहे हैं, जो एक गंभीर कुपोषण है। यह बच्चों में विकास और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
अंबाला
राज्य में 25,962 आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जिनमें 23,447 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 21,127 आंगनवाड़ी सहायिका हैं। सुधार की दिशा में 149 प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं। वहीं, कुल 19 लाख 85 हजार 134 बच्चे लाभार्थी है। दूध उपहार योजना के तहत बच्चों (1-6 वर्ष) के साथ-साथ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को इंस्टेंट खीर, प्रोटीन मिल्क बार और स्किम्ड मिल्क पाउडर सहित विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी पहले निर्देश दे चुके हैं कि राज्य सरकार का लक्ष्य पोषण अभियान में देश के शीर्ष तीन राज्यों में स्थान बनाना है। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभाग को काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने पोषण 2.0 के तहत ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर 01-06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने का सुझाव दिया, जिसमें विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।