बार-बार अर्जी दायर करने और फिर वापिस लेने को बताया फोरम शॉपिंग
चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि बिजनेसमैन रूप बंसल बार-बार एफआईआर रद्द करने की अर्जी दायर करने और फिर वापस लेने का प्रयास कर रहे हैं जो बेंच हंटिंग और फोरम शॉपिंग के समान है।
ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक लोकेश नारंग ने जस्टिस मंजरी नेहरू कौल के समक्ष दायर जवाब में कहा कि याचिकाकर्ता की यह दोहराई जाने वाली प्रवृत्ति न्यायिक समय की बर्बादी है और केवल इसलिए स्वीकार्य नहीं हो सकती कि वह इसका खर्च उठा सकता है। ईडी ने अदालत से आग्रह किया कि बंसल की याचिका वापस लेने की अनुमति को खारिज किया जाए क्योंकि यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
रियल एस्टेट कारोबारी रूप बंसल पर ट्रायल कोर्ट के जज को रिश्वत देने की साजिश रचने का आरोप है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज है। बंसल ने फरवरी 2025 में पहली बार एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर की थी जिसे बाद में वापस ले लिया गया। अप्रैल में दूसरी याचिका दाखिल की उसे भी वापस लेने का प्रयास किया गया। इस प्रक्रिया में मामला विभिन्न बेंचों के पास गया और मुख्य न्यायाधीश तक। इसके बाद मामला फिर से जस्टिस मंजरी नेहरू कौल की बेंच को सौंपा गया। सुनवाई में बंसल के वकील ने ईडी का जवाब देखने के लिए समय मांगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 अक्तूबर तय की है।