अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लांबा ने लगाया मांगों की अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। केंद्र और राज्य सरकार की मांगों को लेकर अनदेखी से नाराज कर्मचारी 12 दिसंबर को दिल्ली में रैली करेंगे। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि यह रैली रामलीला मैदान में आयोजित की जाएगी।
रैली का मकसद पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली है। इसके लिए पीएफआरडीए (पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण) एक्ट, एनपीएस और यूपीएस को रद्द करने की मांग की जाएगी। सभी ठेका और संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग भी उठाई जाएगी। महासंघ ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग को ज्ञापन भेजा है। इसमें 3.8 फिटमेंट फैक्टर और पांच प्रतिशत इन्क्रीमेंट दर की मांग की गई है।
यहां जारी बयान में लांबा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मुख्य मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने टीईटी की अनिवार्यता से शिक्षकों पर छंटनी का संकट और करीब एक लाख स्कूलों के बंद होने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर की रैली के लिए सितंबर में सभी राज्यों में संगठनों की राज्य कमेटी की बैठकें होंगी। अक्तूबर में जिला कार्यकर्ता सम्मेलन और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। इसके बाद सभी विभागों में गेट मीटिंग और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। 15 अक्तूबर तक कार्यालयों और स्कूलों में पोस्टर, बैनर और होर्डिंग लगाए जाएंगे।