मुख्यमंत्री ने कहा- चार में से तीन मांगें मानीं, चौथी स्वीकार नहीं की गई
एसोसिएशन का दावा- सरकार की ओर से बातचीत का कोई प्रस्ताव नहीं आया
हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के तीन सदस्य भूख हड़ताल पर बैठे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की ओर से एस्मा व नो वर्क नो पे की नीति लागू होने के बाद भी डॉक्टरों की हड़ताल बुधवार को जारी रही। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने डॉक्टरों से तुरंत कार्यस्थल पर लौटने की अपील की है। सरकार का कहना है कि डॉक्टरों की चार में से तीन मांगें मानी जा चुकी हैं। हड़ताल खत्म कर संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के प्रधान डाॅ. राजेश ख्यालिया, सदस्य डाॅ. लाभ सिंह और डाॅ. वीरेंद्र ने पंचकूला के स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार की ओर से बातचीत को लेकर उनके पास कोई प्रस्ताव नहीं आया है। सरकार का दावा है कि एसोसिएशन के 74 डॉक्टर काम पर लौट आए हैं।
डॉक्टरों की हड़ताल के तीसरे दिन स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. मनीष बंसल और हड़ताली डॉक्टरों के बीच बातचीत हुई। महानिदेशक ने डॉक्टरों को काम पर लौटने की अपील की मगर डॉक्टरों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं तब तक वे वापस नहीं लौटेंगे।
हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि 10 दिसंबर को सरकार ने कुल 2531 वैकल्पिक डॉक्टरों की व्यवस्था की। इसमें 74 डॉक्टर वे हैं जो हड़ताल में शामिल थे। 440 डीएमईआर से, 480 आयुष विभाग से, 70 ईएसआई से, 53 आयुष्मान भारत पैनल अस्पतालों से व 595 एनएचएम से डॉक्टर शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया इन डॉक्टरों की मदद से ओपीडी, ईपीडी व अन्य सेवाएं जारी रहीं।
9 दिसंबर को कुल 69,316 मरीजों ने ओपीडी सेवाएं लीं। 2,433 मरीज भर्ती किए गए, 202 ऑपरेशन किए गए, 1498 मरीजों को इमरजेंसी सेवाएं मिलीं। साथ ही 320 प्रसव सरकारी अस्पतालों के लेबर रूम में हुए, 52 मरीज आईसीयू /एचडीयू में उपचारित हुए। 1,86,024 दवाएं वितरित की गईं, 136 मेडिको-लीगल रिपोर्ट तैयार की गईं और 56 पोस्टमॉर्टम किए गए।
सीएम बोले- कार्यस्थल पर लौटें डॉक्टर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डॉक्टरों से आग्रह किया है कि वे हड़ताल वापस लेकर तुरंत अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट आएं। डॉक्टरों की मुख्य चार मांगें थीं जिनमें से तीन मांगें सरकार ने स्वीकार कर ली हैं। उन्होंने कहा, डॉक्टरों के स्पेशलाइज्ड कैडर के गठन की मांग पर वित्त विभाग 16 अगस्त 2024 को अधिसूचना जारी कर चुका है। हॉस्पिटल ड्यूटी से बाहर जाने पर यात्रा भत्ता प्रदान करने संबंधी मांग पर भी 25 अक्तूबर 2024 को अधिसूचना जारी हो चुकी है। एसएमओ की सीधी भर्ती न करने की मांग पर फिलहाल सरकार ने रोक लगा दी है। इस बारे में अन्य राज्यों के नियमों का अध्ययन किया जा रहा है और रिपोर्ट आने तक प्रदेश में एसएमओ की सीधी भर्ती स्थगित रहेगी। उनकी चौथी मांग, एसीपी संरचना में बदलाव फिलहाल स्वीकार नहीं की गई है। यह अलग-अलग विभागों की भी मांग है। ऐसे में सबकी मांगों को मानना संभव नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री बोलीं- सरकार चर्चा व संवाद के लिए तैयार
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की लंबित व वाजिब मांगों के समाधान के लिए सरकार चर्चा और संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने एसोसिएशन के सभी डॉक्टरों से अपील की कि वे जनहित को देखते हुए जल्द से जल्द अपनी ड्यूटी जॉइन करें और तुरंत हड़ताल वापस लें। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने वर्तमान स्थिति का गंभीरता से संज्ञान लिया है और आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने व राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले सभी मरीजों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं।